पति को रास्ते से हटाने के लिए बीना ने अपने प्रेमी मनोज संग मिलकर जो साजिश रची। उसका किस्सा सुनकर खुद पुलिस के होश उड़ गए। एसपीआरए अमृत जैन ने बताया कि दोनों ने सुरेश की हत्या के लिए दो प्लान बनाए थे। पहले रात को नींद में गला दबाकर हत्या करने की योजना थी। लेकिन जब इसमें सफल नहीं हो सके तो बीना ने मनोज को तमंचा दिया और कहा कि सुरेश को मारने के बाद ही अपनी शक्ल दिखाना। यहां तक कहा कि इतनी गोली मारना कि बचने न पाए। पूछताछ में मनोज ने यह स्वीकार किया है।
आरोपी मनोज करीब 9-30 पर तमंचा लेकर थाने पहुंच गया था। यहां उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। कुछ देर बाद ही पुलिस ने बीना को भी हिरासत में ले लिया। घटनास्थल से साक्ष्य संकलन आदि की प्रक्रिया के बाद दोनों से थाने पर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने प्लान बनाया था कि अबकी छुट्टी पर आए सुरेश को जिंदा दिल्ली नहीं जाने देना है। खुद मनोज व बीना ने ये बात स्वीकारी। उनका प्लान था कि पहले रात में खाने में नींद की गोलियां देकर सुरेश को नशे में किया जाएगा। फिर रात में उसकी गला दबाकर हत्या की जाएगी। मगर वह प्लान किसी तरह सफल नहीं हो पाया था। लिहाजा बीना ने तमंचे का इंतजाम कर मनोज को थमा दिया था।
फायरिंग के समय चिल्लाई, आज बच न जाए
सीओ बरला गर्वित सिंह के अनुसार हत्या से पहले दोनों में फोन पर लगातार बातचीत भी हो रही थी। बीना अपने पति की लोकेशन मनोज को बता रही थी। घटना से पहले बीना ने ही पति को घर के बाहर बैठने भेजा था। मृतक के भाई विजय जब गोली की आवाज सुनकर दौडक़र आए तो बीना मनोज से कह रही थी कि जितनी गोली मारनी है मार, मगर आज बचने न पाए।
बच्चों को सुबह ही तैयार करके भेज दिया था स्कूल
बीना ने सुबह हत्या की प्लानिंग के तहत ही बच्चों को खुद तैयार कर स्कूल भेजा था। हालांकि बच्चों ने बारिश व पिता के दिल्ली जाने की बात कहकर स्कूल न जाने की जिद की थी। मगर मां ने दबाव डालकर तीनों बच्चे स्कूल भेज दिए थे। इसके बाद ये घटना हुई। पुलिस पूछताछ में बीना ने बताया कि बच्चे कह रहे थे कि आज दोपहर को पापा चले जाएंगे। हम दोपहर तक उनके साथ रहेंगे। आज स्कूल की छुट्टी कर लेते हैं। लेकिन बीना ने जबरन भेज दिया था।