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खुर्जा में दो हिस्सों में बंटी शताब्दी, अफरातफरी

Thu, 03 Aug 2017 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
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खुर्जा जंक्शन और कमालपुर स्टेशन के बीच बुधवार सुबह कपलिंग टूटने से दो हिस्सों में बंटी ट्रेन - फोटो : Amar Ujala
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दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर खुर्जा जंक्शन और कमालपुर स्टेशन के बीच बुधवार सुबह लखनऊ जा रही स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस कपलिंग टूटने से दो हिस्सों में बंट गई। इंजन समेत ट्रेन की छह बोगियां दो किलोमीटर आगे निकल गईं। घटना से यात्रियों में अफरातफरी और दहशत मच गई। कॉशन होने के कारण ट्रेन की स्पीड काफी कम थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। आनन-फानन में इंजन को पीछे लाकर शताब्दी की क्यूआर टीम ने कपलिंग को जोड़ा। करीब 35 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रेन को आगे रवाना किया जा सका।
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स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से सुबह 6.10 बजे रवाना हुई। गाजियाबाद स्टेशन होते हुए ट्रेन ने 7.32 बजे खुर्जा जंक्शन को पार किया। करीब 7.37 बजे जंक्शन और कमालपुर स्टेशन के पास जंगल में अचानक कपलिंग टूटने से 12 बोगियों वाली शताब्दी की छह बोगियां अलग हो गईं। घटना की जानकारी होते ही दिल्ली से लेकर लखनऊ तक रेलवे अफसरों में हड़कंप मच गया।

वहीं ट्रेन में सवार यात्रियों में अफरातफरी मच गई। मौके पर कई अधिकारी पहुंच गए। इसके बाद आगे निकल गई बोगियों समेत इंजन को पीछे लाया गया। शताब्दी में मौजूद क्यूआर टीम ने दो हिस्सों में बंटी बोगियों की कपलिंग को जोड़ा। करीब 35 मिनट बाद 8.04 बजे ट्रेन को रवाना किया गया।
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कम थी ट्रेन की गति
खुर्जा जंक्शन के ट्रैक पर क्रास चेंज का काम चल रहा है। कॉशन लगाए जाने के  कारण उधर से गुजर रहीं ट्रेनें 20-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से निकाली जा रही हैं। यही वजह थी कि 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली शताब्दी भी 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से निकल रही थी। अगर स्पीड तेज होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।

पीछे होती कोई ट्रेन तो हो सकता था बड़ा हादसा
गनीमत रही कि पीछे कोई ट्रेन नहीं थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। दरअसल आधी ट्रेन निकलने के बाद पीछे का सिग्नल क्लीयर हो गया था। ऐसे में अगर कोई गाड़ी पीछे से आती तो आधे हिस्से की बोगी में टकरा जाती। जिससे बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।

यात्री भी रहे दहशत में 
कपलिंग टूटने के बाद जंगल में रुकी रही छह बोगियों में सवार यात्री मामला समझ नहीं पाए, लेकिन जब ट्रेन के आसपास ग्रामीणों की भीड़ देखी तो वह भी उतरकर बाहर आ गए। बाहर का नजारा देखकर यात्रियों के होश उड़ गए। कपलिंग टूटने से छह बोगियाें समेत इंजन अलग होने की जानकारी होने पर यात्री दहशत में आ गए।

पीछे रुकी रहीं मालगाड़ी समेत चार ट्रेनें
हादसे के बाद दिल्ली से आने वाली मालगाड़ी समेत कालका, महानंदा और नीलांचल एक्सप्रेस को पीछे ही रोक दिया गया। इसके चलते यह ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देरी से निकलीं।

अलीगढ़ में मच गई खलबली
नई दिल्ली से लखनऊ जा रही 12004 डाउन शताब्दी एक्सप्रेस खुर्जा के पास दो हिस्सों में बंटने से अलीगढ़ में भी खलबली मच गई। यहां इस ट्रेन का बेसब्री से इंतजार था। हादसे के समय ट्रेन में कानपुर के गार्ड एके त्रिपाठी की ड्यूटी थी। उन्होंने टीएक्सआर को बुलाया जो ट्रेन में ही मौजूद था। इसी स्टाफ ने 7.51 बजे कपलर को जोड़ा। 8.30 बजे ट्रेन अलीगढ़ के प्लेटफार्म नंबर तीन पर आई। दो मिनट ठहरने के बाद 8.32 बजे कानपुर की ओर रवाना हो गई। अलीगढ़ के एसएस आरके पाठक ने बताया कि ट्रेन में टीएक्सआर का स्टाफ मौजूद रहता है, जो कोच मेंटेनेंस का काम करता है।

एडीआरएम की नसीहत बेअसर
बीते सोमवार को अलीगढ़ का निरीक्षण करने आए इलाहाबाद मंडल के एडीआरएम अनिल कुमार द्विवेदी ने रेल परिचालन में लापरवाही पर स्टाफ कर्मियों को आड़े हाथों लिया था और संचालन में कोई भी कमी नहीं छोड़ने की ताकीद की थी। लेकिन बुधवार को इस घटना ने फिर साबित कर दिया कि ट्रेनों को चलाने से पहले उनकी जांच पड़ताल ठीक से नहीं हो रही है।

दिल्ली में होती है जांच
अलीगढ़ के पूर्व एसएस आरके खान ने बताया शताब्दी के चलने से पहले जांच दिल्ली में होती है। दो कोचों के बीच कपलिंग नहीं, बल्कि एक कपलर लगता है। 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में कपलर खुलने की घटना बेहद गंभीर है। इस मामले में उच्च स्तरीय जांच होगी और लापरवाही बरतने वाले अफसरों व स्टाफ को खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

कैग की रिपोर्ट दिखाती है आइना
हाल ही में आई कैग की रिपोर्ट भी रेलवे के तमाम विभागों की पोल खोलती है। जहां हर साल लाखाें रुपये खर्च होने के बाद भी व्यवस्थाएं बद से बदतर हैं। इस रिपोर्ट में खानपान, ट्रेन मेंटेनेंस, कोच मेंटेनेंस, स्टेशन परिसरों के रखरखाव सहित कई बिंदुओं पर गहन समीक्षा की गई है। तमाम तथ्यों के साथ रेल प्रशासन को आइना दिखाया गया है।

ट्रेन के लखनऊ पहुंचने पर संबंधित विभागों के अधिकारियों को बुलाकर प्रकरण का एक ज्वाइंट नोट बनाया जा रहा है। इसके बाद ही इस मामले में कार्रवाई होगी। क्योंकि इस ट्रेन का संचालन उत्तर रेलवे के पास है, इसलिए कार्रवाई उनके स्तर से ही होगी। -अमित मालवीय, पीआरओ इलाहाबाद मंडल

कपलिंग टूटने से शताब्दी एक्सप्रेस की बोगियां अलग हो गई थीं। मामले में रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। लखनऊ से अफसरों की टीम जांच करेगी। - पीके गुप्ता, स्टेशन अधीक्षक खुर्जा
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