पांच दशक पहले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से एमएससी के साथ बीएड करने के बाद सासनी गेट की शशिबाला शर्मा अपने जीवन के सफर में सार्थकता की तलाश कर रही थीं। उन्हें समाज को शिक्षित करने में जीवन का मकसद नजर आया क्योंकि उस समय साक्षरता दर कम थी। कुछ समय बाद 1989 में जेल रोड आवास विकास पर गगन पब्लिक स्कूल 25 विद्यार्थी और 7 टीचर के साथ शुरू किया। अब उनका शैक्षिक परिवार 10 हजार विद्यार्थियों और 1500 स्कूल स्टाफ से ऊपर निकल चुका है। अलीगढ़ और नोएडा में उनके तीन स्कूल और दो कॉलेज हैं। लेकिन शशिबाला का यहां तक का सफर इतना आसान नहीं था।
50 साल पहले महिलाओं की स्थिति
5 दशक पहले का भारत ऐसा नहीं था। उस समय सासनी गेट के गांव सराय हरनारायण में रहने वालीं शशिबाला के लिए एमएससी और बीएड की डिग्री हासिल करना बड़ी बात थी। 1976 में शशिबाला की शादी एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर चुके डॉ. सुरेश चंद्र शर्मा से हुई। शशिबाला कहती हैं कि उनकी ददिया सास शिक्षिका थीं और शिक्षा के महत्व को समझती थीं। उन्हीं की प्रेरणा से स्कूल शुरू किया। स्कूल शुरू करना जितना आसान था उसको संचालित करना उतना ही मुश्किल। यह प्रतिदिन का काम था। लेकिन शशिबाला ने अपने उचित प्रबंधन से संभाल लिया।
टर्निंग प्वाइंट
जेल रोड पर स्कूल ठीक से संचालित होने के बाद शशिबाला ने 1999 में आगरा रोड पर स्कूल शुरू किया। इसके बाद उच्च शिक्षा के क्षेत्र में जाने का फैसला किया। सन 2003 में आगरा रोड पर डिग्री कॉलेज शुरू किया। यह उनके शैक्षिक सफर में मील का पत्थर साबित हुआ । इसके बाद खैर रोड पर 2008 में कॉलेज शुरू किया। सन 2010 में नोएडा में सीबीएसई स्कूल शुरू किया। वक्त के साथ हासिल किए अनुभव से शशिबाला ने इन सभी संस्थानों को नई ऊंचाइयां दीं।
आने वाली पीढ़ी को सौंप रहीं जिम्मेदारी
सन 2018 में शशिबाला के पति डॉ. सुरेश चंद्र का निधन हो गया। उनके बड़े बेटे हेमंत शर्मा अलीगढ़ में स्कूल आदि की जिम्मेदारी संभालते हैं। जबकि छोटे बेटे गगन शर्मा नोएडा में स्कूल के साथ अपना व्यापार भी देखते हैं। बेटी उर्वशी आगरा रोड स्थित स्कूल के साथ-साथ अपना निर्यात का कारोबार भी संभालती हैं।