कोरोना का कहर अभी तक शेयर बाजार पर जारी है। सोमवार को बड़ी गिरावट से अलीगढ़ के निवेशकों को 250 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। जिसमें शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, मार्केट लिंक्ड बीमा प्लान और यूनिट लिंक्ड प्लान भी शामिल है। इन सभी का नुकसान लगभग 250 करोड़ रुपये है।
आर्थिक जानकार विजय पचीसिया के अनुसार, कोरोना वायरस की दवा आने और उसका सकारात्मक असर सामने आने तक शेयर बाजार में दहशत बनी रहेगी। विदेशी निवेशक लगातार शेयर बेच रहे हैं। स्वदेशी निवेशक भी लॉक डाउन को लेकर दहशत में हैं, इसलिए वो भी कुछ शेयर लगतार बेच रहे हैं।
मार्केट गिरने के डर से लोग निवेश करने से बच रहे हैं। इसलिए लगातार गिरावट हो रही है। उन्होंने कहा कि इस गिरावट के दौर में वो निवेशक, जिनके पास छह महीने से दो साल तक निवेश रोकने की क्षमता है।
वह अच्छा निवेश कर सकते हैं। उनको निश्चित रूप से लाभ होगा। क्योंकि जिस रफ्तार से बाजार गिरा है, उसी रफ्तार से ऊपर भी आएगा। जब कोरोना वायरस का वैक्सीन आ जाएगा। मसलन, जिस शेयर का रेट अभी 100 रुपये से गिर कर 80 रुपये आ गया है। वही शेयर 125 रुपये तक के भाव में पहुंच सकता है। इसलिए अच्छी कंपनियों की विश्वसनीयता को देखते हुए दीर्ष अवधि के निवेश करने का ये उचित समय है।
व्यापारी चंद्रशेखर शर्मा ने केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर कुछ सवाल पूछे हैं। उन्होंने पूछा कि कोरोना वायरस भारत में घुसा कैसे, फैला कैसे और इसके लिए कौन जिम्मेदार है..? कोरोना वायरस से पीड़ित 500 या 1000 लोग बिना ठीक हुए कैसे भारत में घुसे..?
चाइना के वायरस से लड़ने के अनुभव का लाभ समय से क्यों नहीं लिया गया..? कोरोना वायरस से पीड़ित कनिका कपूर बिना इलाज कराए कैसे भारत में घुस आईं। उन्होंने पूछा है कि वर्तमान में 130 करोड़ की आबादी आर्थिक संकट से जूझ रही है। इसकी भरपाई कैसे होगी..?
गिरावट
- अंकों के हिसाब से अब तक की सबसे बड़ी गिरावट
- सेसेंक्स 3934 अंक टूट कर 25981 पर बंद हुआ
- निफ्टी 1136 अंक टूट कर 7610 पर बंद हुआ
- मार्केट खुलते ही 10 प्रतिशत नीचे की कैप लगी
- कैप के बाद बाजार बंद कर दोबारा से खोला गया
- बैंकिंग सेक्टर के शेयर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए
- निफ्टी के सभी शेयर गिरावट के साथ बंद हुए
- शेयर, सोना और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
सलाह
- कोरोना पर काबू होने तक शेयर बाजार सुधरना मुश्किल
- बीएसई, एनएसई खुले हों तो स्थानीय दफ्तर भी खुले
- छोटी अवधि का निवेश करने वाले अभी निवेश न करें
- दो वर्ष तक ठहरने वाले निवेशक ही वर्तमान में निवेश करें