बाइकर्स गैंगवार में शरद गोस्वामी हत्याकांड आज भी जरायम की दुनिया में सुर्खियों में है। क्वार्सी थाने के पास शुभम समागम गेस्ट हाउस के बाहर शूटरों ने शरद को ताबड़तोड़ फायरिंग कर मौत के घाट उतार दिया था। इस दौरान दो अन्य राहगीर जख्मी भी हुए। इस हत्याकांड का ट्रायल नौ आरोपियों के खिलाफ अंतिम दौर में है, मगर आरोपियों से बरामद हथियारों की फॉरेंसिक/ बैलेस्टिक रिपोर्ट के इंतजार में प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। इसको लेकर अदालत ने एसएसपी को पत्र लिखा है।
पढ़ने-लिखने वाले युवाओं की गैंगवार का परिणाम
सन 2010 के आसपास रंगबाजी में शुरू हुई गैंगवार में कई पढ़ने-लिखने वाले नवयुवक अपराधी बन गए। कई की जान चली गई। सबसे पहले विनय कटियार हत्याकांड को लेकर दो गुटों में बंटे नवयुवकों के इस गैंग को पुलिस ने बाइकर्स गैंग का नाम दिया। इसके बाद दोनों ओर से हत्याओं और हमलों का क्रम चला। इसी बीच एक गुट के शरद गोस्वामी को उस समय मौत के घाट उतारा गया, जब वह अपने साथी के भाई की शादी में शामिल होने गया था। आरोप व पुलिस जांच के अनुसार, हमलावरों ने शादी की पहले से जानकारी के आधार पर शरद सहित अन्य उसके साथियों को भी रास्ते से हटाने का प्लान बनाकर हमला किया था। हमले में शरद के चार गोलियां लगीं और मौके पर ढेर हो गया था। शरद की हत्या के कुछ दिन बाद उसके एक साथी जीतू को हरदुआगंज में भी इसी अंदाज में मौत के घाट उतारा गया था।
सभी की गवाही पूरी
एडीजे-8 की अदालत में इस मुकदमे का ट्रायल जारी है। एडीजीसी मेपे सिंह बताते हैं कि मुकदमे में सभी 8 गवाह पेश हो चुके हैं। मुकदमा 313 यानी आरोपियों के बयान दर्ज करने के लिए लंबित है। इससे पहले हथियारों की फॉरेसिंक रिपोर्ट का इंतजार है। एसएसपी को पत्र लिखा गया है। अब इस मामले में 25 जुलाई तारीख नियत है। प्रयास है कि इसी तारीख पर रिपोर्ट मिल जाए तो सभी आरोपियों के बयान कराने के बाद बहस और फिर निर्णय कराया जा सके। बता दें कि इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी सजल चौधरी व उसका भतीजा पंकज जेल में हैं, सजल वर्तमान में बस्ती जेल में बंद है।
घटनाक्रम एक नजर में
- 03 मार्च 2016 की देर शाम 9 बजे हुई वारदात।
- 04 मार्च को पोस्टमार्टम, शरद के 4 गोलियां आर पार थीं।
- अप्रैल माह के मध्य में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
- 12 जून 2016 को सभी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल।
- 03 जुलाई 2018 से अदालत में ट्रायल है जारी।
ये हैं आरोपी
- मुख्य आरोपी विपक्षी बाइकर्स गैंग का सजल चौधरी, उसका भाई राकेश, भतीजा पंकज निवासीगण देवसैनी क्वार्सी, सचिन निवासी हस्तपुर इगलास, हरवीर निवासी आरएएफ रोड, मनीष निवासी स्वर्ण जयंती नगर, अंशुल सागर निवासी मोहन नगर धनीपुर, शूटर सुरेंद्र उर्फ रोहन लढ़ौली बल्लभगढ़ हरियाणा, रामू उर्फ रामगोपाल नगौला। सजल के एक भाई सतीश की मौत हो चुकी है। शूटर देवेंद्र उर्फ बेबी निवासी बी 1/201 इबलान गार्डन भिलाई अलवर फरार है, जिसकी पत्रावली अलग है। नौ आरोपियों के खिलाफ ट्रायल जारी है।