तालसपुर से पीएसी 5000, जीवनगढ़ से एटा रोड आईएमटी 8000, एटा चुंगी से क्वार्सी बाईपास 3500, रसलगंज से सराय रहमान 1500, सासनीगेट से हाथरस अड्डा होकर मदारगेट 4000, रामघाट रोड पर मीनाक्षी पुल से किशनपुर तिराहा 3000, इकरा कॉलोनी से धौर्रामाफी पुलिया 1500, धौर्रामाफी पुलिया से अनूपशहर रोड पुलिया 1000, जाफरी ड्रेन अनूपशहर रोड की पुलिया से मौलाना आजाद नगर 1250, कबीर कॉलोनी से शमशाद मार्केट 1800, फिरदौस नगर रेलवे क्त्रससिंग से बरौला बाईपास 1600, जाफरी ड्रेन की पुलिया से जमालपुर फाटक 1200, बादामनगर चौराहे से बाईपास तक 2000, दोदपुर नगला मल्लाह से क्वार्सी चुंगी 1500, मौलाना आजाद नगर से रामनगर रेलवे क्त्रससिंग 0750, जमालपुर जाफरी ड्रेन की पुलिया कबीर नगर कॉलोनी 0500, रिटायर कमिश्नर की कोठी से जाफरी ड्रेन पुलिया तक 0700, पुरानी चुंगी से रेलवे क्त्रससिंग तक 0400, बारहद्वारी से रसलगंज तक 2000
शहर में दो दिन से जल भराव है। लोगों के घरों में पानी भर रहा है। जिसके कारण घर और दुकानों के सामान का नुकसान हो रहा है। दुर्घटनाएं भी हो रहीं हैं। यह स्थिति तो मात्र दो दिन हुई दो-दो घंटे की बारिश के कारण हुई है। कहने को हर बार की तरह इस बार भी नाला - सीवर सफाई, उसमें होने वाले लेबर, मशीनरी, डीजल व पंपिंग आदि पर करीब आठ करोड़ रुपया खर्च कर दिया। मौसम के अंतिम दौर में सबसे अधिक हुई इस बारिश में यह आठ करोड़ नालों में बह गए । इस बारे में न सिस्टम की आवाज आ रही है और न जनप्रतिनिधियों कुछ कह रहे हैं। आखिर क्यों, क्या किसी की जवाबदेही नहीं है इस सबके लिए।
ये है हमारे स्मार्ट सिटी का हाल
सोमवार और मंगलवार को दो-दो घंटे की बारिश के बाद शाम तक नाले और सड़क एक समान बने हुए हैं। सबसे ज्यादा बुरा हाल सिविल लाइंस और क्वार्सी एरिया का है, जहां जिले भर के प्रतिष्ठित नागरिक, अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहते हैं। सेंटर प्वाइंट से सफर शुरू करें तो समद रोड, रामघाट रोड और छर्रा अड्डा पुल तक आपको लगेगा कि किसी माइनर या छोटे रजवाहे में सफर कर रहे हैं। ऐसी दुर्दशा की उम्मीद किसी शहर वासी को इस स्मार्ट सिटी से नहीं थी।
-पांच साल तक सिर्फ अतिक्रमण और बुलडोजर पर ध्यान भटकाया गया। जनता की गाढ़ी कमाई का अधिकारी भ्रष्टाचार करते रहे। शहर की मूल समस्याओं पर सुधार के लिए ध्यान नहीं दिया गया। आज उसी का परिणाम शहरवासी जलभराव के रूप में भुगत रहे हैं।-अज्जू इशहाक, पूर्व महानगर अध्यक्ष सपा
-ये बात बिल्कुल सही है कि इस बार बारिश कम हुई है। इसलिए नगर निगम अधिकारियों को अपने काम व प्रयासों की समीक्षा करनी चाहिए। अगर अधिक बारिश हुई होती तो क्या हाल होता। इसलिए इसमें काफी काम करने की जरूरत है।-विवेक सारस्वत, महानगर अध्यक्ष भाजपा
-ये कुदरत का असर है। मगर हमारा पूरा सिस्टम शहर को जलभराव से मुक्त करने में लगा हुआ है। लगातार मानीटरिंग की जा रही है। जहां जैसी जरूरत है सिस्टम लगाया जा रहा है। प्रयास है कि बहुत जल्द सब ठीक हो जाएगा।-मो.फुरकान, मेयर
बुखार और चर्म रोग के मरीज बढ़ रहे
इस मौसम में एकाएक बारिश में भीगने से सर्दी-जुकाम व बुखार के मरीज तो बढ़ ही रहे हैं। साथ में चर्म रोग भी सामने आ रहा है। निजी व सरकारी अस्पतालों में सर्दी-जुकाम बुखार के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। इसे लेकर सीएमओ डा.नीरज त्यागी इतना ही कहते हैं कि यह बारिश भीगने योग्य नहीं है। इसमें बचाव बेहद जरूरी है। किसी भी तकलीफ पर तत्काल डॉक्टर की सलाह लें।