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शहर के सीसीटीवी कैमरों की बढ़ाई जाए क्षमता

सार

स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लगे एनपीआर और सीसीटीवी कैमरों की मैमोरी क्षमता बेहद कम है।इस पर पुलिस स्तर से सुझाव दिया गया कि अगर किसी घटना की सूचना देरी से मिलती है तो उन घटनाओं के फुटेज मिलना मुश्किल हो जाता है।ताकि ट्रैफिक कर्मी इससे जागरूक रह रहें कि किस दिशा की लाइट बंद है।
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विस्तार
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स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लगे एनपीआर और सीसीटीवी कैमरों की मैमोरी क्षमता बेहद कम है। जिसे बढ़ाए जाने की जरूरत महसूस हो रही है। इस पर स्मार्ट सिटी परियोजना के स्तर से विमर्श किया जा रहा है । हेवीटेट सेंटर में शिफ्ट होने पर इस कमांड कंट्रोल सेंटर में यह बदलाव किए जा सकेंगे। इस बारे में जल्दी ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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पिछले दिनों हुई समीक्षा के दौरान पाया गया कि एनपीआर कैमरों की मैमोरी क्षमता कार्ड के अनुसार मात्र दो से तीन दिन है। जिसे सर्वर से जोड़ा जाना जरूरी है। इस पर पुलिस स्तर से सुझाव दिया गया कि अगर किसी घटना की सूचना देरी से मिलती है तो उन घटनाओं के फुटेज मिलना मुश्किल हो जाता है। इसलिए इन कैमरों को सर्वर से जोड़ा जाए। इसी तरह जो सीसीटीवी चौराहों पर लगे हैं, उनकी मैमोरी क्षमता 30 दिन है, उसे 60 दिन करने की जरूरत है। इस पर स्मार्ट सिटी के इंजीनियर नए कमांड कंट्रोल सेंटर में अपडेट करने की तैयारी में हैं।
ये भी होंगे बदलाव
- ग्रीन कॉरीडोर वीवीआईपी मूवमेंट व आपात स्थिति के लिए एएमयू सर्किल से लालडिग्गी, बीएसएनएल, घंटाघर तक जल्द सक्रिय होगा।
- खेरेश्वर चौराहा, एफएम टावर तिराहा, गोंडा पुल, कमालपुर चौराहा, नादापुल, देहलीगेट मथुरा रोड ओल्ड बाईपास, शमशाद मार्केट, बौनेर तिराहा, भांकरी पुल, महेशपुर तिराहा, बरौली रोड, नगर निगम वर्कशॉप पर भी जल्द कैमरे लगेंगे।
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- सैकेंड्री लाइट भी ट्रैफिक लाइट वाले चौराहों पर जल्द लगाई जाएंगी। ताकि ट्रैफिक कर्मी इससे जागरूक रह रहें कि किस दिशा की लाइट बंद है।
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