शाहजमाल ईदगाह पर चल रहे धरने में दिल्ली के शाहीन बाग में धरने पर बैठने वाली एक महिला शामिल हो गई। हालांकि, पुलिस इससे अनजान रही।
नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी व एनपीआर के विरोध में शनिवार को शाहजमाल स्थित ईदगाह के सामने महिलाएं धरने पर बैठी रहीं। महिलाएं यहां 18 दिन से धरने पर हैं। धरना स्थल पर सुबह को सन्नाटा रहता है, लेकिन शाम होते-होते इनकी तादाद बढ़ने लगती है। धरना स्थल पर महिलाएं जोहर, अस्र, मगरिब, इशा व फज्र की नमाज भी पढ़ती हैं। महिलाओं के साथ छात्राएं भी शामिल हो रही हैं। धरना स्थल पर इस्लाम और इंसानियत के बारे में भी जानकारी दी जाती है। वहीं, पुलिस फोर्स तैनात रहा।
जमालपुर में महिलाएं सड़क पर बैठीं, हटाया
नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी व एनपीआर के विरोध में शनिवार को जमालपुर ईदगाह के सामने सड़क पर महिलाएं बैठ गईं, जिन्हें पुलिस ने हटा दिया।
सुबह करीब 9 बजे 20-25 महिलाएं एकत्र होकर ईदगाह के पास आई थीं, जो कुछ देर रुकने के बाद वहां से चली गईं। फिर सुबह करीब 11:30 बजे महिलाएं आईं, जो ईदगाह के सामने सड़क पर बैठ गईं। मौके पर सीओ तृतीय अनिल समानिया, एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह, महिला पुलिस के साथ पहुंच गए। महिलाओं को समझा-बुझाकर उन्हें घर वापस भेज दिया। बाद में महिलाओं ने ज्ञापन सौंपा। यह महिलाएं मौलाना आजाद नगर व शहंशाबाद की थीं।
आईजी हॉल के पास भी पहुंचीं महिलाएं
एएमयू के आईजी हॉल के पास शाम पांच बजे महिलाएं 20-30 की तादाद में पहुंच गईं। महिलाएं सड़क पर नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी व एनपीआर के विरोध में धरने पर बैठना चाहती थीं। खबर पाते ही पुलिस फोर्स पहुंच गया। महिलाओं ने पुलिस से बताया कि कोई उनके घर पर आया था और कागज मांग रहा था, लेकिन जब पुलिस ने पूछा किससे कागज मांगा था, तो वह बता नहीं सकी। इसी बीच पूर्व विधायक विवेक बंसल भी पहुंच गए। पुलिस ने उनसे अनुरोध करके उन्हें वापस भेज दिया।
जमालपुर ईदगाह के पास धरने पर बैठी महिलाओं को हटाती महिला पुलिस।- फोटो : CITY OFFICE
जमालपुर ईदगाह के पास धरने पर बैठी महिलाओं को हटाती महिला पुलिस।- फोटो : CITY OFFICE