सपा के पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह ने कहा कि प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं सांसद आजम खां की जिंदगी खतरे में हैं। वह सीतापुर जेल में कोरोना संक्रमित हो चुके हैं और उनको समुचित इलाज नहीं मिल रहा है। कोरोना के जानलेवा संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए उनको तत्काल एम्स, दिल्ली या पीजीआई, लखनऊ रेफर किया जाए अन्यथा उनकी जिंदगी खतरे में पड़ सकती है।
पूर्व विधायक ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिख कर उक्त मांग की है। उन्होंने कहा कि आजम खां के साथ ही मुख्तार अंसारी की जिंदगी भी खतरे में हैं। हाल ही में बिहार के सिवान जिले के सांसद शहाबुद्दीन को भी सरकार ने ऐसी ही साजिश से खत्म कर दिया है।
जमीरउल्लाह ने शहाबुद्दीन को शहीद, गरीबों का मसीहा, शेर करार दिया। कहा कि वह गरीबों की मदद करते थे, इसीलिए सिवान से चार बार सांसद चुने गए। बीमारी की आड़ में समुचित इलाज नहीं दिला कर साजिशन उनकी हत्या कराई गई है। जब छोटा राजन जैसे कुख्यात माफिया को एम्स दिल्ली में इलाज दिया जा सकता है तो फिर जनप्रतिनिधियों को क्यों नहीं?
पूर्व विधायक ने कहा कि उन्हें इसका खतरा महसूस हो रहा है कि आजम खां व मुख्तार अंसारी के साथ भी शहाबुद्दीन की तर्ज पर कोई बड़ी साजिश रची जा सकती है। योगी सरकार ठोको की नीति वाली सरकार है।
पूर्व विधायक ने कहा कि भाजपा वाले पहले कहते थे कि कोरोना संक्रमण जमातियों से फैला है। अब खुद भाजपा नेता पूरे देश में चुनावी रैलियां कर संक्रमण फैला रहे हैं। भाजपा वालों का एक छिपा सिद्धांत है, बूढ़ा मरे या जवान, हमें हत्या से काम।
जमीरउल्लाह ने कहा कि शहाबुद्दीन का बेटा अपने बाप की मैयत सिवान ले जाने के लिए गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। उनकी पार्टी ने भी मदद नहीं की है, लेकिन शेर-शेर ही रहता है। शहाबुद्दीन शहीद हुए हैं, उनको शहीद का दर्जा मिलेगा।