कौशल कुमार ओझा
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पेट्रोलियम स्टडीज विभाग में बिना महिला को शामिल किए यौन उत्पीड़न निवारण समिति (कमेटी अंगेस्ट सेक्सुअल हरासमेंट) का गठन कर दिया गया है। इस समिति में विभाग के पुरुष सदस्यों को शामिल किया गया है।
डिपार्टमेंट ऑफ पेट्रोलियम स्टडीज विभाग के चेयरमैन प्रो. एसके मसूद हुसैन द्वारा शैक्षणिक वर्ष 2021-22 के लिए चार सदस्यीय यौन उत्पीड़न निवारण समिति का गठन किया गया है। महिलाओं के साथ होने वाले लैंगिक उत्पीड़न एवं दुर्व्यवहार आदि की जांच की जिम्मेदारी इस कमेटी के ऊपर है। हैरानी की बात यह है कि इस कमेटी में एक भी महिला सदस्य नहीं है। विभागाध्यक्ष द्वारा 12 जनवरी 2022 को इससे संबंधित आदेश भी जारी कर दिया गया है। कमेटी में डॉ. एस जावेद अहमद रिजवी, अशरफ मतीन, मो. यूसुफ अंसारी एवं डॉ. इफ्तिखार अहमद शामिल हैं। विभागीय लोगों का कहना है कि पेट्रोलियम स्टडीज विभाग में 9 सदस्य हैं, जिसमें दो महिलाएं हैं। इस संबंध में एएमयू के प्रवक्ता प्रो. शाफे किदवई का कहना है कि जल्दबाजी एवं कन्फ्यूजन की वजह से ऐसा हुआ है। विभागाध्यक्ष से उनकी बात हुई है। एक-दो दिन में कमेटी पुनर्गठित कर नई सूची जारी कर दी जाएगी।