यह भी जानें
- कवरेज- शहर की लगभग 107 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन और इसके 1200 मैनहोल अब इन मशीनों के जरिए साफ किए जाएंगे।
- रफ्तार और क्षमता- मशीन एक दिन में 15 से 20 मैनहोल की सफाई आसानी से कर सकती है। (तुलना करें तो मैनुअल लेबर से एक दिन में केवल 5 से 7 मैनहोल ही साफ हो पाते थे)।
- शून्य जोखिम - किसी भी सफाई कर्मचारी को जहरीले सीवर मैनहोल के अंदर उतरने की कोई आवश्यकता नहीं होगी।
हाई-टेक फीचर्स और सुरक्षा कवच
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि यह रोबोटिक मशीन आधुनिक तकनीक से लैस है और इसके कई सुरक्षा लाभ हैं:
गैस लीक अलर्ट
सीवर लाइन के भीतर मौजूद खतरनाक गैसों जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड, हाइड्रोजन सल्फाइड, मीथेन और अमोनिया के रिसाव का सटीक अलर्ट मशीन के मॉनिटर पर तुरंत डिस्प्ले हो जाएगा।
समय और श्रम की बचत
कम समय में अधिक से अधिक सफाई संभव होगी, जिससे मैनपावर की भी बचत होगी और शहर में जलभराव की समस्या का भी स्थायी अंत होगा।