निलंबित लेखपालों की संख्या हुई 30, एक सप्ताह में जारी नोटिस का जवाब नहीं दिया तो बर्खास्तगी
लेखपालों के हाईकोर्ट जाने की आशंका, कैविएट दाखिल करेगा प्रशासन
एसडीएम रखें निगरानी, तहसील पर न होने पाए धरना प्रदर्शन डीएम
जनपद में धारा 144 लागू है और शासन द्वारा एस्मा भी लागू है। इसके बावजूद लेखपाल काम पर नहीं लौट रहे हैं। डीएम ने कड़ी कार्रवाई करते हुए बृहस्पतिवार को सात और लेखपालों को निलंबित कर दिया है। इस तरह निलंबित लेखपालों की संख्या 30 तक पहुंच गई है। 227 लेखपालों को सर्विस ब्रेकिंग नोटिस थमा दिए गए हैं। निलंबित लेखपालों को एक सप्ताह में नोटिसों का जवाब देने को कहा गया है, अन्यथा की स्थिति में बर्खास्तगी की कार्रवाई तय है। डीएम ने नो वर्क नो पे स्कीम लागू करते हुए लेखपालों को तत्काल काम पर लौटने की सख्त चेतावनी दी है।
बुधवार को धारा 144 व एस्मा के बावजूद हड़ताल कर रहे लेखपालों के जिलाध्यक्ष, तहसील अध्यक्ष एवं मंत्रियों समेत 23 लेखपालों को निलंबित कर दिया गया था। इसके बावजूद भी काम पर न लौटने पर आज सात और लेखपालों तहसील कोल के भानु प्रताप सिंह, होमदत्त, जसवंत सिंह, असरार अहमद, हरीश कुमार शर्मा, रेशम पाल सिंह व दीपिका वार्ष्णेय को निलंबित कर दिया गया। एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल ने बताया कि कुल 250 में से 227 लेखपालों को सर्विस ब्रेकिंग नोटिस थमा दिए गए हैं।
इन नोटिसों के बाद इनकी सर्विस व प्रमोशन पर असर पड़ेगा। निलंबित लेखपालों को जारी नोटिसों का जबाव देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब न देने पर इनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि वह यह सुनिश्चित करें कि उनकी तहसील स्तर पर लेखपालों के द्वारा किसी भी प्रकार का धरना-प्रदर्शन न हो सके। इधर, बृहस्पतिवार को लेखपालों का धरना कलक्ट्रेट पर नहीं हो सका। पुलिस ने बैरीकेडिंग पर ही उनको रोक दिया। इसके बाद लेखपालों ने कोल तहसील पर धरना प्रदर्शन कर शासन प्रशासन के आगे न झुकने व आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।
हाईकोर्ट जाने की आशंका के चलते कैविएट दाखिल करेगा प्रशासन
अवैध रूप से की जा रही हड़ताल के संबंध में की गई कार्रवाई के विरुद्ध लेखपालों के हाईकोर्ट जाने की आशंका के चलते कैविएट दाखिल करने के लिए जिले से मनीष कुमार नायब तहसीलदार कोल को नामित किया गया है। यही नहीं शासन स्तर से भी मुख्य अधिवक्ता को कैविएट दाखिल करने के लिए नामित कर दिया गया है।