फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Aligarh: खुद पर दर्ज मुकदमा छिपाया, बिना सूचना लंबे समय से रहे गैर हाजिर, दोनों पुलिसकर्मियों की सेवा समाप्त

Sun, 01 Jun 2025 03:47 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

एसएसपी स्तर से दो पुलिसकर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। एक पुलिसकर्मी ने अपने ऊपर दर्ज मुकदमे को छिपाया तो दूसरा लंबे समय तक बिना सचूना के गैर हाजिर रहा।
विज्ञापन
पुलिकर्मी - फोटो : istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अलीगढ़ जिला पुलिस में दो मुख्य आरक्षियों की सेवा समाप्त की कार्रवाई की गई है। इनमें एक पर प्रोन्नति प्रक्रिया में खुद पर दर्ज आपराधिक मुकदमा छिपाने व दूसरे पर बिना सूचना लंबे समय तक गैरहाजिर रहने का आरोप है। लंबे समय तक की गई जांच व दोनों के जवाब मिलने के बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय एसएसपी स्तर से लिया गया है।

विज्ञापन


पहला प्रकरण 2022 में जिला पुलिस के अभियोजन कार्यालय में तैनात रहे मूलरूप से भूरगवां मारहरा एटा निवासी मुख्य आरक्षी राजवीर सिंह से जुड़ा है। आरोप के अनुसार राजवीर सिंह का 2018 की सूची में जब प्रमोशन हुआ तो उन्होंने 2022 स्वघोषणा पत्र में खुद पर चल रहे आपराधिक मुकदमों का उल्लेख निल बताया, जबकि उनके खिलाफ एटा कोतवाली में धोखाधड़ी का आपराधिक मुकदमा दर्ज है। यह मामला न्यायालय में लंबित है। सीओ तृतीय की जांच में आरोप साबित पाए गए। जब कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा तो बताया कि वे 37 वर्ष से सेवा में हैं। गांव की पार्टी बंदी में उन पर जन्मतिथि में हेरफेर कर सेवा में आने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया। इसी आधार पर प्रमोशन में तथ्य छिपाने के आरोप साबित होने पर उन्हें सेवा से बर्खास्त किया गया है।

दूसरा प्रकरण वर्ष 2024 में जवां में तैनात रहे नगला सुखी फरिहा, फिरोजाबाद निवासी मुख्य आरक्षी रनवीर सिंह से जुड़ा है। उन पर आरोप है कि जवां से उन्हें 1 जुलाई को पुलिस लाइन ओआर में तलब किया गया। यहां से ओआर के बाद उन्हें वापस जवां रवाना किया, लेकिन वे थाने पहुंचने के बजाय बिना सूचना गायब हो गए। 34 दिन के बाद वे 13 अगस्त को वापस आए। इसकी विभागीय जांच सीओ प्रथम से कराई गई। जांच में पाया गया कि वे 1998 से सेवा में हैं। इस अवधि में 16 बार दीर्घ दंड, 17 बार छुद्र दंड के अलावा 5 वर्ष 7 माह के बिना वेतन अवकाश से दंडित रह चुके हैं। कारण बताओ नोटिस पर जवाब भी नहीं दिया।

मुकदमा छिपाने व गैरहाजिर रहने पर दो पुलिसकर्मियों की सेवा समाप्त की गई है। एक वर्ष में जिले में 16 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया गया है। - संजीव सुमन, एसएसपी

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें