गिजरौली से नौरथा-असरफाबाद का कच्चा मार्ग
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तहसील के गांवों को आपस में जोड़ने वाली तमाम सड़कें आजादी के बाद से कच्ची हैं। बरसात के दिनों में इनसे निकलना दूभर हो जाता है। किसानों को सबसे अधिक परेशानी होती है। अब प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत इन संपर्क मार्गोँ को पक्का करने के प्रस्ताव भेजे गए हैं। अतरौली ब्लॉक द्वारा विभिन्न गांवों को जोड़ने वाली 46 सड़कें चिन्हित कर इसके प्रस्ताव सीडीओ के माध्यम से अधिशासी अभियंता को भेज दिए गए हैं।
कई सड़क जोड़ती हैं ग्राम पंचायत व मजरे
ग्राम पंचायत गिजरौली में नौरथा व असरफाबाद भी मजरे लगते हैं। गिजरौली के लिए असरफाबाद व नौरथा आने-जाने के लिए एक संपर्क मार्ग है। वह भी दशकों से कच्चा है। बरसात दिनों में कार सवारों को गिजरौली जाना हो तो करीब 10 किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है। ऐसे ही नहल से यदि चितनगला जाना हो तो जगतपुर या रजातऊ होकर करीब तीन किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है।
इन सड़कों के निर्माण को भेजे हैं प्रस्ताव
मानगढ़ी मोड़ से जगतपुर, नहल में डिग्री कॉलेज से जगतपुर-चितनगला रोड तक, चितनगला में परिक्रमा मार्ग, मानगढ़ी से मधूपुर तक बंबा की पटरी पर, नौरथा से पहाड़गढ़ी बिरनेर मार्ग तक, नौरथा मोड़ से गिजरौली तक, बिरनेर बंबा से चाऊपुर हौज तक, खैराबाद तालाब से फजलपुर तक, कौरह से रहमापुर, कौरह से भवीगढ़, कौरह से कलियानपुर, बरी के अड्डा से सहनोल, असगराबाद से काजिमाबाद, शेरपुर भट्ठा से अंबेडकर पार्क, मीरगढ़ी से चौमुहां, मीरगढ़ी से गांव खेड़ा तक।
हमने 46 संपर्क मार्गों को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत पक्का कराने के लिए प्रस्ताव जिले पर भेजे हैं। अधिकतर मार्गों की स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।- अनिल कुमार दिनकर, एडीओ पंचायत अतरौली।