देश के सभी कुलपतियों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी द्वारा किए गए खतरे के आकलन के अनुसार कुछ आतंकी समूह स्थानीय स्लीपर सेल की मदद से उच्च शिक्षण संस्थानों सहित महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर तोडफ़ोड़ और आतंकवादी गतिविधियां कर सकते हैं। जो रणनीतिक रूप से असुरक्षित हैं। इसके चलते सुरक्षा का प्रोटोकॉल मजबूत करें। पुलिस प्रशासन से भी सहयोग लें। सुरक्षा नियमावली बनाकर कदम उठाए जाएं। अधिकारियों, कर्मचारियों को पहचान पत्र सहित प्रवेश दें। नियमित रूप से चेकिंग व अचानक चेकिंग व्यवस्था के समय प्रत्येक सामान की जांच की जाए। जहां संभव हो स्केनर लगाए जाएं। आने वालों की सामान की तलाशी भी लें। विशेष रूप से बैग या लिफाफों की जांच की जाए। संविदा वर्करों, ठेकेदारों आदि तक को तीन दिन के लिए पास जारी किए जाएं। अनाधिकृत प्रवेश पर रोक ल गाई जाए। पर्याप्त सुरक्षा गार्ड लगाए जाएं। 24 घंटे सीसीटीवी प्रबंध किए जाएं। आपात स्थिति से निपटने को तैयार रहें।
पहले से ये सुरक्षा इंतजाम
यूनिवर्सिटी में 350 सुरक्षाकर्मी हैं। इससे पहले यूनिवर्सिटी को 8 जनवरी 2025 की रात को एक बजे के बाद कुलपति और कुलसचिव समेत अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के 28 प्रशासनिक अधिकारियों को ईमेल भेजकर एएमयू को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। जिसमें कई जगह विस्फोटक पदार्थ रखने का उल्लेख था। साथ में दो लाख की मांग भी की गई थी। इसके बाद से सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए गए थे। यह धमकी पूर्वांचल के युवक के नाम से आई थी। मगर उसकी जांच में सही पता नहीं लग सका।