मंगलायतन विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में उन्होंने उपभोक्ता अधिकार और कर्तव्य, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम और कॉरपोरेट लॉ के बारे में कई उपयोगी जानकारियां दी।
उन्होंने कंपनियों द्वारा अनियमित तरीके से उपभोक्ताओं के साथ धोखा करने की बढ़ती प्रवृत्ति का जिक्र करते हुए कहा कि उपभोक्ता ऐसे मामलों में न्यायिक प्रक्रिया की मदद से अपने अधिकारों को और अधिक सुरक्षित बना सकते हैं। इसके लिए जरूरी सभी प्रावधान भारतीय विधिक प्रक्रिया में शामिल हैं। उन्होंने कॉरपोरेट फ्र ाड और इससे निपटने के लिए उपलब्ध कानूनों के बारे में भी छात्रों को बताया।