नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में धरना दे रहे किसानों समर्थन में जिले के किसानों द्वारा प्रस्तावित किसान ट्रैक्टर परेड/रैली को लेकर जिला प्रशासन चौकन्ना हो गया है। एडीएम सिटी ने शहर में सेक्टर स्कीम लागू करते हुए दस सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए हैं। वहीं, एडीएम प्रशासन ने सभी तहसीलों के एसडीएम और तहसीलदारों को अलर्ट कर दिया है।
जिलाधिकारी ने एडीएम प्रशासन देवी प्रसाद पाल को तहसील खैर, एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल को इगलास और एडीएम न्यायिक राकेश पटेल को गभाना में 27 जनवरी की रात तक के लिए तैनात कर दिया है। दरअसल, जिला प्रशासन को इन तहसीलों से किसानों के भारी संख्या में रैली में शामिल होने की आशंका है।
एडीएम सिटी राकेश कुमार मालपाणी ने बताया कि दिल्ली में किसान आंदोलन के समर्थन में अलीगढ़ से 26 जनवरी को प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली/परेड एवं गणतंत्र दिवस को दृष्टिगत रखते हुए नगर क्षेत्र में शांति व्यवस्था/कानून व्यवस्था एवं सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारियों एवं मजिस्ट्रेट की ड्यूटी 23 जनवरी की सुबह 8 बजे से 27 जनवरी की रात्रि तक रहेगी। नगर क्षेत्र को 10 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। समस्त सेक्टरों का मुख्यालय संबंधित थाना रहेगा। सभी पुुलिस क्षेत्राधिकारी नगर क्षेत्र अपने अपने सर्किल में भ्रमण से लेकर कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखेंगे।
इन इलाकों को बनाया सेक्टर
संपूर्ण थाना क्षेत्र कोतवाली ऊपरकोट, संपूर्ण थाना क्षेत्र सासनी गेट, संपूर्ण थाना क्षेत्र देहली गेट, संपूर्ण थाना क्षेत्र बन्नादेवी, संपूर्ण थाना क्षेत्र गांधी पार्क, संपूर्ण थाना क्षेत्र क्वार्सी, संपूर्ण थाना क्षेत्र सिविल लाइंस, संपूर्ण थाना क्षेत्र गभाना, संपूर्ण थाना क्षेत्र लोधा, संपूर्ण थाना क्षेत्र चंडौस को सेक्टर में तब्दील किया गया है। इन सभी सेक्टरों में एक प्रशासनिक अधिकारी और एक पुुलिस अधिकारी को लगाया गया है।
सभी टोल नाकों पर लगाई गई पुलिस
किसान परेड को लेकर सड़क सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एसएसपी मुनिराज ने बताया कि किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए का गभाना एवं मडराक टोल पर मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात करने की व्यवस्था की गई है। राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों की निगरानी की जाएगी। सभी को मुस्तैद रहने और टोलों पर निगरानी करने को कहा गया है। हिदायत दी गई है कि किसानों को बल प्रयोग के बजाय समझा-बुझाकर दिल्ली जाने से रोका जाए। एलआईयू को सतर्क कर दिया गया है।