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सीटें दलालों के कब्जे में, ट्रेनें हुईं फुल

Fri, 01 Jul 2016 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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ट्रेन - फोटो : अमर उजाला
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केंद्र सरकार भले ही देश में बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी कर रही हो, लेकिन यात्रियों को आरक्षण दलालों के चंगुल से बचाने के लिए कोई भी ठोस उपाय नहीं कर पाई है। ट्रेनों में यात्रियों को सीट के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं। हालत यह है कि दीपावली के अभी चार माह शेष हैं, लेकिन दिल्ली-हावड़ा रूट की प्रयागराज एक्सप्रेस समेत सात ट्रेनों अभी से ही सीटें फुल हो गई हैं। इन ट्रेनों में अब वेटिंग लिस्ट का ही सहारा है।
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आरक्षण नियमों में परिवर्तन कर रेलवे ने चार माह पहले ही सीट आरक्षित करने की सुविधा उपलब्ध कराई थी। लेकिन यह सुविधा यात्रियों के लिए असुविधा ज्यादा साबित हो रही है। दलाल पहले से ही फर्जी नामों से सीटें बुक करा लेते हैं। त्योहारी सीजन में यदि घर जाना हो तो कलेंडर पर निगाह रखना जरूरी है अन्यथा ट्रेन से घर जाने को लाले पड़ सकते हैं।
इस बार दीपावली 30 अक्तूबर को है। त्योहार के मद्देनजर अति व्यस्ततम दिल्ली-हावड़ा रूट पर दलालों ने अभी से सीटें बुक करनी शुरू कर दी हैं। आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर वीआईपी ट्रेन प्रयागराज, रीवा, कैफियात, स्वतंत्रता सेनानी, वैशाली, फरक्का एक्सप्रेस तथा ब्रह्मपुत्र मेल में स्लीपर में वेटिंग लिस्ट दर्शाई जा रही है। हालांकि स्वर्ण शताब्दी और मगध, पूर्वा व संगम एक्सप्रेस में सीटें जरूर उपलब्ध हैं। इसके अलावा नीलांचल, नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस समेत कुछ ट्रेनों में सीटें बची हुई हैं।
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‘त्योहार पर हर कोई आदमी आराम से ट्रेन में यात्रा करना पसंद करता है। इसलिए पहले से ही रिजर्वेशन करना शुरू कर देते हैं। बात रही दलालों की, तो ऐसा नहीं है। जरूरत पड़ने पर त्योहार पर ट्रेनों में अतिरिक्त कोच या फिर अतिरिक्त ट्रेन भी यात्रियों के लिए चलाई जाएंगी।’
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- विजय कुमार, सीपीआरओ (उ.म. रेलवे)
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