चार दिन से लापता गांव जरैठ निवासी विजय सिंह के भाई संतोष ने छह लोगों पर हत्या कर शव नहर में फेंकने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। गोताखोरों की चार टीमों ने रविवार को हजार नहर में कासगंज के खड़िया नमैनी से नदरई झाल तक करीब 15 किलोमीटर के दायरे में विजय की तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चल पाया है। अब मुरादाबाद से भी पुलिस के गोताखोरों को बुलाया गया है।
थाना गंगीरी पर दर्ज कराई रिपोर्ट में लापता विजय के भाई संतोष ने गांव जरैठ निवासी सुरेंद्र, उसकी पत्नी, सास और साले मंजेश निवासी गांव नगला भूपाल थाना मलावन जिला एटा, पप्पू निवासी गांव महमूदपुर थाना सोरों जिला कासगंज और दुर्वेश निवासी गांव नगला करनसिंह थाना दादों को नामजद किया है।
विजय के परिवार वाले रविवार की सुबह से थाना गंगीरी पर डेरा डाले रहे। महिलाओं ने सड़क पर जाम लगाने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने समझाकर जाम नहीं लगने दिया।
कोट...
आरोपी सुरेंद्र पुलिस की हिरासत में है। वह विजय के नहर में कूदने की बात ही बता रहा है। दो और लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनसे भी पूछताछ की जा रही है। गोताखोरों की चार टीमें तलाश में लगी हैं। मुरादाबाद से सरकारी गोताखोरों को बुलाया गया है।
-धनंजय, सीओ छर्रा।
शराब पीने के बहाने साथ लेकर आया था आरोपी
थाने पर दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि मुख्य आरोपी सुरेंद्र 20 मार्च को विजय को शराब पिलाने के बहाने खड़िया नमैनी पुल पर ले आया। यहां साथियों के साथ शराब पीने के दौरान उसकी विजय से कहासुनी हो गई। सुरेंद्र व उसके साथियों ने विजय की हत्या कर शव हजारा नहर में फेंक दिया।
गांव में पंचायत में दी थी नहर में कूदने की जानकारी
युवक देर रात तक घर नहीं पहुंचा तो परिजन ने तलाश शुरू की तो पता चला सुरेंद्र उसे साथ लेकर गया था। परिजनों ने पूछा तो वह उन्हें गुमराह करता रहा। बाद में पंचायत बुलाई गई, जिसमें उसने उसके नहर में कूदने की जानकारी दी। पुलिस ने गांव में पहुंचकर उसे हिरासत में ले लिया था।