कोरोना वायरस को लेकर एएमयू प्रशासन लगातार एहतियात बरत रहा है। इसी कड़ी में इंतजामिया ने हाल ही में विदेश में आयोजित सेमिनार, कार्यक्रम में शामिल होकर लौटे विद्यार्थियों और शिक्षकों को अपनी सेहत की स्क्रीनिंग कराने का फरमान जारी किया है।
डीएसडब्ल्यू प्रो. मुजाहिद बेग ने सभी संकायों के डीन, कॉलेज, स्कूल के प्रिंसिपल व सभी हाल के प्रोवोस्ट को भेजे पत्र में कहा कि ऐसे लोगों के नामों की सूची उपलब्ध करा दें, जो विदेश यात्रा से लौटे हों ताकि विश्वविद्यालय व जिला प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए की गई तैयारियों में सहयोग हो सके। प्रो. बेग ने कहा कि एएमयू में अध्ययनरत विदेशी छात्रों, जिन्होंने दो महीने के भीतर अपने देशों की यात्रा की है या उनके परिजन उनसे मिलने अलीगढ़ आए हैं, वह भी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल व सीएमएस से संपर्क कर अपनी स्क्रीनिंग कराएं।
खांसी व जुकाम से पीड़ितों को घर पर नमाज पढ़ने की सलाह
एएमयू की मस्जिदों में जमात से नमाज पढ़ने वालों में से किसी एक में भी खांसी, बुखार, नजला, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ है, तो अपने घर पर नमाज पढ़ें। यह सलाह इंतजामिया ने दी है।
डीएसडब्ल्यू प्रो. मुजाहिद बेग ने धर्मशास्त्र संकाय के अधिष्ठाता को भी कोरोना वायरस के संबंध में मस्जिदों में भी एहतियाती कदम उठाने के लिए पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि मस्जिदों में नमाज अदा करने वाले ऐसे नमाजी, जिनमें खांसी, बुखार, नजला, जुकाम और सांस लेने में तकलीफ के लक्षण हैं, उन्हें मशविरा दिया जाए कि वह जमात के साथ नमाज अदा करने की बजाय अपने आवास पर ही नमाज अदा करें। डीएसडब्ल्यू ने कहा कि नमाज के दौरान मस्जिदों में नमाजी सफ के बीच एक सफ खाली छोड़कर खड़े हों, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।