जिले में फिर वाणिज्य कर विभाग की टीम ने बोगस (फर्जी) फर्म से खरीद फरोख्त का मामला पकड़ा है। बृहस्पतिवार को वाणिज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने गूलर रोड स्थित श्याम शांति स्क्रैप ट्रेडर्स के यहां छापामारी की। जांच में सामने आया कि इस फर्म ने दिल्ली व अलीगढ़ की तीन फर्जी फर्म से 3.79 करोड़ रुपये की खरीद दिखाते हुए 72 लाख रुपये की आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का फायदा ले लिया। विभाग ने श्याम शांति स्क्रैप ट्रेडर्स के मालिक को नोटिस जारी किया है।
गूलर रोड पर हैजा अस्पताल के पास श्याम शांति स्क्रैप ट्रेडर्स फर्म का कार्यालय है। इस पर एडिशनल कमिश्नर एसआईबी ग्रेड दो अनूप माहेश्वरी के निर्देश पर डीसी एसआईबी पंकज सिंह के नेतृत्व में टीम ने शिकायत के आधार पर छापामारी की। दस्तावेजों के जांच में सामने आया कि इस फर्म ने तीन बोगस फर्म यानी सिर्फ कागजों में संचालित फर्जी फर्म से 3.79 करोड़ रुपये की खरीद फरोख्त की। इस आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का 18 प्रतिशत के हिसाब से लाभ पाने को दावा कर दिया और 72 लाख रुपये का फायदा उठा लिया।
वाणिज्य कर विभाग डीसी एसआईबी पंकज कुमार सिंह के मुताबिक, श्याम स्क्रैप ने जिन बोगस फर्म से खरीद की, उनमें एसीई स्टील कॉरपोरेशन अलीगढ़ से 2.30 करोड़ की खरीद, गणपति ट्रेडर्स दिल्ली से 1.4 करोड़ की खरीद, श्रीकृष्ण स्क्रैप ट्रेडर्स से 45 लाख रुपये की फर्जी खरीद दिखाई गई। यह फर्म धरातल पर नहीं, सिर्फ कागजों में संचालित हैं। पहली नजर में 72 लाख रुपये की आईटीसी का लाभ लेने का मामला खुला है। यह रकम जांच में बढ़ भी सकती है। जांच करने वाली टीम में एसी आदित्य मिश्र, रंजीत रमन, संजीव कुमार, सीटीओ अनीस अरोड़ा, अजमल खान शामिल रहे।
प्रदेश का पहला मुकदमा अलीगढ़ में हुआ था दर्ज
अलीगढ़ में फर्जी कंपनियों से खरीद दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ पाने का यह पहला मामला नहीं है। जीएसटी लागू होने के बाद अलीगढ़ में इस प्रकार का फर्जीवाड़ा लगातार जारी है। इस संबंध में प्रदेश का पहला मुकदमा भी जीएसटी फर्जी रिफंड लेने का मामला हरदुआगंज थाने में दर्ज हुआ था। पिछले 20 साल में अलीगढ़ बोगस (फर्जी) फर्म का सबसे बड़ा ठिकाना बना हुआ है।