जैसे ही बच्चे स्कूल पहुंचे, वैसे ही अपने सहपाठियों को देखकर मुस्करा दिए। दूर से हाय-हैलो किया और नजदीक आकर कैसी बीती गर्मी की छुट्टियों के बारे में जानकारी हासिल की। छोटे बच्चों को उनके माता-पिता साथ लेकर स्कूल आए। स्कूल छोड़ने के बाद वह अपने बच्चों को तब तक देखते रहे, जब तक वह अपनी कक्षा में नहीं चला जाता। छोटे बच्चे कक्षा में अपनी नींद पूरी करते भी देखे गए।
गर्मी की छुट्टियों के बाद सोमवार को माध्यमिक, बेसिक शिक्षा विभाग, सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा और संस्कृत बोर्ड के स्कूल खुल गए। बच्चों की आमद से स्कूल परिसर गुलजार हो गया।
विज्ञापन
जैसे ही बच्चे स्कूल पहुंचे, वैसे ही अपने सहपाठियों को देखकर मुस्करा दिए। दूर से हाय-हैलो किया और नजदीक आकर कैसी बीती गर्मी की छुट्टियों के बारे में जानकारी हासिल की। छोटे बच्चों को उनके माता-पिता साथ लेकर स्कूल आए। स्कूल छोड़ने के बाद वह अपने बच्चों को तब तक देखते रहे, जब तक वह अपनी कक्षा में नहीं चला जाता। छोटे बच्चे कक्षा में अपनी नींद पूरी करते भी देखे गए। छुट्टी होने से पहले स्कूल के गेट पर उनके माता-पिता पहुंच गए। गेट पर आते ही बच्चे को उन्होंने गोद में उठा लिया और पूछा आज का दिन का कैसा रहा। क्या-क्या पढ़ा? रास्ते भर पूछते रहे।
किसी ने पहाड़ी तो किसी ने नानी की सुनाई कहानी
गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल पहुंचे छात्र-छात्राओं ने अपने-अपने संस्मरण अपने सहपाठियों के साथ साझा किए। कुछ ने गर्मी की छुट्टियों में पहाड़ी इलाकों में गए थे। साथ ही कुछ अपने दादा-दादी और नाना-नानी के यहां गए थे। सभी ने एक-दूसरे को कहानी सुनाई।
बच्चों के बोल
स्कूल आकर काफी अच्छा लगा। पहले दिन पढ़ाई के साथ खेला भी। -शिवांश, कक्षा-1, हेरिटेज इंटरनेशनल स्कूल
गर्मी की छुट्टी के बाद पहली बार अपने दोस्तों से मिला अच्छा लगा। -वेदांत, कक्षा-8, हेरिटेज इंटरनेशनल स्कूल
मुझे स्कूल आना अच्छा लगा। मैम ने पढ़ाया। इसके बाद खेला। -प्रियांशु, कक्षा-1, ओएलएफ
स्कूल आने में अच्छा नहीं लग रहा था। आकर खूब अच्छा लगा। -आराध्या, एलकेजी, संत फिदेलिस स्कूल