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बच्चे बोले, यार... लगता है बरसों बाद मिल रहे हैं

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ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग करती ‌शिक्षिका। - फोटो : CITY OFFICE
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लंबे अंतराल के बाद जब कक्षा 6, 7 व 8 के बच्चे अपने-अपने दोस्तों के साथ मिले, तो वह खुशी से झूम उठे। बोले- यार लगता है हम लोग बरसों बाद मिल रहे हैं। इसके बाद गो टू हेल कोरोना (नरक में जाए कोरोना) कहकर पूछा, यार राहुल, मयंक, नीरज नहीं दिख रहा है। कमोवेश यही स्थिति छात्राओं की भी रहीं, जब श्वेता, सोनिया के आने के बारे में कल्पना से पूछा। पहले दिन निजी स्कूलों में करीब पांच फीसदी बच्चों की उपस्थिति रही।
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यूपी सरकार के आदेश के बाद 10 फरवरी यानी मंगलवार को कक्षा 6 से 8 तक कक्षाएं शुरू हुईं। पहला दिन होने के चलते स्कूलों में बच्चों की तादाद कम रही है। कई विद्यालयों में बच्चों की तादाद 1-2 रही। स्कूल प्रशासन की ओर से कोविड-19 से बचाव के तहत सारी व्यवस्थाएं की गई थी। स्कूल में आने वाले बच्चों का हाथ सैनिटाइज कराया गया। उन्हें कक्षा में दूूर-दूर बिठाया गया। इसके बाद पढ़ाई शुरू हो गई। स्कूल प्रशासन को उम्मीद है कि बच्चों की तादाद धीरे-धीरे बढ़ेगी। वहीं, अभिभावक स्कूल में बच्चों को भेजने के लिए अनुमति पत्र भी लेने आए थे।
शिक्षामित्रों व अनुदेशक के हवाले रहा विद्यालय
परिषदीय विद्यालय में कक्षा आठ की कक्षाएं लगीं। हालांकि, यह विद्यालय शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के हवाले रहा। दरअसल, उत्तर प्रदेेशीय प्राथमिक संघ का वृहद शिक्षक सम्मेलन कृष्णांजलि सभागार में था। इस सम्मेलन में जिलेभर के शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुईं। कहीं-कहीं विद्यालय के बंद होने की भी खबर है। विद्यालयों में मिड डे मील बंटवाने की जिम्मेदारी भी शिक्षामित्रों व अनुदेशकों को निभानी पड़ी।
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