छात्रवृत्ति घोटाले में करीब दो माह पूर्व मुरलीधर गजानंद पॉलिटेक्निक कॉलेज के तत्कालीन प्रधानाचार्य नसरुद्दीन को ईओडब्ल्यू कानपुर यूनिट की टीम ने गिरफ्तार किया था। नसीरुद्दीन पर 433 छात्र-छात्राओं के लिए जारी की गयी छात्रवृति धनराशि 29.25 लाख रुपये का गबन का आरोप था।
जेल जा चुके है पूर्व अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
वर्ष 2013 में जिले के अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति शुल्क प्रतिपूर्ति तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा दी गई थी। इसमें कुछ स्कूल संचालकों ने अधिकारियों से शिकायत की। जिसकी परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण ने जांच की। जिसमें पाया कि तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वीरेंद्र पाल सिंह द्वारा भारत सरकार की प्री मैट्रिक स्कालरशिप प्राप्त करने के लिए संस्थाओं के नाम पर फर्जी व मनमाने तरीके से फीड कर धनराशि की मांग की गई थी। इसी आधार पर तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वीरेंद्र पाल सिंह को 24.92 करोड़ रुपए के दुरुपयोग का दोषी भी माना गया था। जिसमें उन्हें भी 2019 में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।