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एक युद्ध पटाखों के विरुद्धः इस बार बिना पटाखों के मनेगी दिवाली

Tue, 03 Nov 2020 01:51 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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अग्रसेन इंटर कॉलेज में एक युद्ध पटाखों के विरुद्ध के तहत शपथ लेते छात्र-छात्राएं और शपथ दिलाते प् - फोटो : amar ujala
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अमर उजाला अभियान एक युद्ध-पटाखों के विरुद्ध के तहत सोमवार को हरदुआगंज स्थित अग्रसेन इंटर कॉलेज में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन हुआ। इससे पहले आयोजित गोष्ठी में छात्र-छात्राओं ने प्रदूषण से होने वाले नुकसान के बारे में अपने विचार रखे।

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यहां प्रधानाचार्य डॉ. शंभू दयाल रावत ने छात्र-छात्राओं को इस दीपावली पर पटाखे न चलाने की शपथ दिलाई। इससे पहले उन्होंने बताया कि वायु प्रदूषण कई कारणों से होता है। पहला हवा के बहाव में कमी होना। जबकि दूसरा सबसे बड़ा कारण अंधाधुंध पटाखों के जलाने से होता है। ऐसे में पटाखे न चलाकर काफी हद तक हम पर्यावरण हित में अपना सहयोग कर सकते हैं। यहां छात्र-छात्राओं ने भी पटाखों से होने वाले नुकसान के बारे में बताया।

उन्होंने कहा कि हम खुद पटाखे नहीं लाएंगे और पड़ोसियों को भी पटाखे न लाने के लिए प्रेरित करेंगे। बच्चों ने एक स्वर में कहा कि अबकी बार पटाखों की खरीद न करने से जो रुपये बचेंगे। उनसे अपने लिए कपड़े या दीये जैसे सामान खरीदेंगे। ताकि गरीबों का भी भला हो जाए। अगर अपने लिए कुछ नहीं खरीदेंगे तो समाज हित में इस राशि को खर्च करेंगे। इस मौके पर शिक्षकों में अमरीश कुमार, कुलदीप शर्मा, अनोज कुमार, अनिल अग्रवाल, शशीबाला, सूर्यकांत, चंद्रकांत, दिव्या बंसल आदि मौजूद रहे।
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- दीपावली पर पटाखों के चक्कर में काफी रुपये धुआं हो जाते हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए इस बार पटाखे नहीं लाएंगे।
- शीतल

- पर्यावरण के नुकसान से अच्छा है कि आतिशबाजी वाले रुपयों से किसी गरीब की मदद करें, दुआ मिलेंगी।
- पूजा

- पटाखों से प्रदूषण होता है। रुपये भी व्यर्थ में जाते हैं। इससे अच्छा है कि घर में सौर ऊर्जा के संयंत्र लेकर आएं।
-शीतल रावल

- हम सिर्फ शपथ ही न लें, बल्कि इसको संकल्प बना लें। एक-एक करके बहुत सारे लोग इस अभियान से जुड़ेंगे तो निश्चित ही प्रदूषण कम हो जाएगा।
तन्वी राघव

- पटाखे जलाने के अलावा वाहन, पराली, फैक्ट्रियां भी प्रमुख कारण हैं। हम प्रदूषण को नहीं रोक सकते हैं, लेकिन हम प्रदूषण को रोकने के उपाय कर सकते हैं।
- दिपलप कुशवाह

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