दूसरी बार संसद पहुंचे सतीश गौतम ने फिर एएमयू में भाजपा विरोधी गतिविधियों पर तल्ख तेवर दिखाए हैं। उन्होंने कहा है कि लगातार एएमयू में भाजपा विरोधी बयानबाजी हो रही है। अभी हाल ही में भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण ने वहां एक कार्यक्रम में संबोधन में पीएम मोदी के पिता जी के लिए अपशब्द बोले हैं।
ये सही नहीं है जिस देश में करोड़ों मतदाताओं ने अभी हाल ही में पीएम मोदी के कुशल नेतृत्व पर प्रचंड पूर्ण बहुमत की मुहर लगाई है। ऐसे लोकप्रिय नेता के बारे में ऐसी अशोभनीय बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पिछले पांच वर्ष में जो भी पीएम मोदी, भाजपा नेताओं, पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी के बारे में अशोभनीय बात करते हैं उनका एएमयू में स्वागत हो रहा है। ये बर्दाश्त नहीं होगा। या तो कुलपति एएमयू की इन गतिविधियों को संभाल लें। अगर ऐसा नहीं कर पाते हैं तो वह खुद इस्तीफा दे दें। नहीं तो उनको इस्तीफा देना पड़ेगा। जब भी उनसे इन गतिविधियों के बाबत उनसे पूछा जाता है तो वह कहते हैं कि उक्त कार्यक्रम छात्र नेताओं का है। छात्र नेता सारे कार्यक्रम एएमयू में कर रहे हैं। कुलपति की नाक के नीचे हो रहे हैं। कुलपति के ये कुटनीतिक बयान अब नहीं चलेंगे।
एएमयू की छवि खराब नहीं होने दूंगा। चाहें छात्र नेताओं को बाहर करना पड़े। जिन्ना की तस्वीर यूनियन हॉल में लगी हुई है, उसको हटवाने का काम शपथ लेने के बाद शुरू करा दूंगा। वो तस्वीर हटानी पड़ेगी। पश्चिम बंगाल के प्रचार में गए सतीश ने कहा कि वहां की ममता सरकार जल्द ही सत्ता से जाएगी। वहां भाजपा सांसदों की जीत ने इसकी पटकथा लिख दी है। देश के पीएम मोदी को गाली देने, चौकीदार चोर है.. कहने वाले नेताओं को जनता ने हरा दिया है। उन नेताओं ने पीएम मोदी को नहीं जनता को गाली दी थी, जिसका जवाब जनता ने दिया है।