जिले की एक मात्र साथा चीनी मिल के उच्चीकरण का प्रस्ताव फिलहाल ठंडे बस्ते में है क्योंकि बजट में इसका जिक्त्रस् तक नहीं हुआ। मिल के उच्चीकरण के वास्ते 500 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन के पास विचाराधीन है। ये प्रस्ताव बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह ने दिया था, जिसमें सभी विधायकों की सहमति है। जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा खुद प्रदेश के चीनी मिल एवं गन्ना मंत्री हैं। ऐसे में पूरी उम्मीद थी कि इस बजट में मिल को धनराशि आवंटित होगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ और 45 वर्ष पुराने मिल के प्लांट की कड़वाहट बरकरार है।
बजट में ये बताया गया कि एक लाख 23 हजार करोड़ रुपये का गुन्ना भुगतान किया गया, जो बीते वर्षों में सर्वाधिक है, लेकिन गोपी लधुआ चीनी मिल के किसानों के करोड़ों रुपये के बकाये का कोई समाधान नहीं दिया गया। कांग्रेस और सपा नेताओं के साथ भारतीय किसान यूनियन और दूसरे संगठनों ने मिल पर ध्यान नहीं दिए जाने पर नाराजगी जताई है।
सीएम योगी अगर संवेदनशील होते तो पेट्रोलियम पदार्थों पर प्रदेश में लागू कर कम करने का साहस दिखाते, जिससे महंगाई से राहत मिलती। लेकिन उन्होंने जनता को महंगाई से जूझने के लिए छोड़ दिया। साथ चीनी मिल और किसानों को किसी तरह की कोई राहत नहीं देना अफसोसजनक है।
विवेक बंसल, हरियाणा कांग्रेस प्रभारी।
बजट मात्र चुनावी स्टंट है, इसके अलावा कुछ नहीं, क्योंकि जिस तरह चुनाव से पहले बड़ी बड़ी घोषणाएं कर सपने दिखाए गए थे, वैसा ही ये बजट है। साथा चीनी मिल के लिए कोई बात नहीं हुई। ये हाल तब है जिले के प्रभारी मंत्री ही प्रदेश के चीनी मिल एवं गन्ना मंत्री है।
- चौ. बिजेंद्र सिंह, पूर्व सांसद एवं सपा नेता।
बजट ने अलीगढ़ के किसानों को धोखा दिया है क्योंकि किसान पिछले चार सालों से साथा चीनी मिल के उच्चीकरण की मांग कर रहा है और इस वर्ष चुनावी साल होने के कारण अधिक उम्मीद थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अधिकारियों ओर नेताओं ने हमें आश्वश्त किया था कि इस बार के बजट में घोषणा होगी लेकिन धोखा मिला। भारतीय किसान यूनियन भानु गुट साथा चीनी मिल के लिए आंदोलन करेगी।
डॉ शैलेन्द्र पाल सिंह, प्रदेश महासचिव भाकियू भानु गुट।