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महेंद्र नगर का डा. राजीव मौत प्रकरण..सासनीगेट इंस्पेक्टर लाइन हाजिर, मुकदमा एक्सपंज की प्रक्रिया शुरू

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महेंद्र नगर घटना के विरोध में नगर निगम कर्मचारी नगर आयुक्त को ज्ञापन देते। - फोटो : CITY OFFICE
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सासनी गेट थाना क्षेत्र के महेंद्र नगर में रविवार तड़के सीवर लाइन के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरकर डॉ. राजीव गुप्ता की मौत के प्रकरण में मुकदमा एक्सपंज करने की प्रक्रिया के साथ ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि उन पर पुलिस व पूर्व मेयर शकुंतला भारती ने दवाब डालकर ऐसा बयान लिखवाया है, जिससे कि मुकदमा एक्सपंज किया जा सके। जबकि परिवार को अभी तक मदद के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिला है। इधर, इंस्पेक्टर जावेद खां को एसएसपी ने लाइन हाजिर कर दिया है। इंस्पेक्टर पर हुई इस कार्रवाई को भी मुकदमे से जोड़कर देखा जा रहा है।
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कोतवाली इलाके की बाबरी मंडी में क्लीनिक चलाने वाले व मानव सेवा ट्रस्ट के सक्रिय कार्यकर्ता डॉ. राजीव गुप्ता (45) पुत्र श्रीराम निवास निवासी कटरा स्ट्रीट देहली गेट रविवार सुबह घर से बाइक लेकर दूध लेने के लिए निकले थे। महेंद्र नगर में सीवर लाइन डालने के लिए महीनों से खुदी सड़क पर एक मिनी ट्रक फंसा हुआ था। इसके चलते रास्ता बंद था। वह मिनी ट्रक से बचते हुए उसके बराबर से जाने लगे। तभी बाइक सीवर लाइन के गड्ढे में फंस गई। जिसे निकालने की जद्दोजहद में वह गिर पड़े और सिर नाले के दीवार में जा लगा। उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
मृतक की पत्नी रश्मि गुप्ता ने इस घटना का जिम्मेदार नगर आयुक्त, मेयर, निर्माण विभाग, जलकल विभाग, जेई व ठेकेदार को बताते हुए तहरीर दी थी। शाम करीब चार बजे पुलिस ने तहरीर के आधार गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। इधर, परिवार वालों ने 25 लाख रुपये मुआवजे, आवास व सरकारी नौकरी की मांग संबंधी ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा था।
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मुकदमा लिखे जाने के बाद अधिकारियों में खलबली मच गई। आनन-फानन में पीड़ित परिवार को बुलाया गया। वहां समझौते के लिए वार्ता भी हुई। हालांकि, पीड़ित परिवार ने मुकदमे में समझौता करने के नाम पर 25 लाख रुपये मुआवजा, आवास व सरकारी नौकरी की मांग रख दी। तत्काल इस मांग को माने जाने की बात को लेकर अधिकारी असमंजस में फंस गए। देर रात तक पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों में बातचीत का दौर जारी रहा था। इसी बीच सिटी मजिस्ट्रेट ने मुकदमा एक्सपंज होने का दावा कर दिया था।
मुकदमा हुआ एक्सपंज तो मौत का जिम्मेदार कौन
पीड़ित परिवार का आरोप देर रात बयान लिखवाया
महेंद्र नगर प्रकरण के 24 घंटे के भीतर ही सासनी गेट इंस्पेक्टर जावेद खां को चार्ज से हटा दिया गया है। उनके स्थान पर एसएसआई जेपी यादव को चार्ज दिया गया है। एसएसआई ने बताया कि देर रात को मुकदमा वादी रश्मि गुप्ता ने लिखित में दिया है कि उनके पति की मौत बाइक फिसलने के कारण गिरने से हुई है। इसका जिम्मेदार कोई नहीं है। घटना के बाद वह बेसुध थीं और लोगों के कहने पर उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ तहरीर दी थी। सीआरपीसी की धारा 161 के तहत यह बयान लिए हैं। इसको मुकदमा एक्सपंज का आधार बनाया गया है। जल्द इसे कोर्ट मेें पेश किया जाएगा। इधर, पीड़ित रश्मि गुप्ता की बहन मधुबाला और फिर रश्मि की बेटी नैनसी, जो कि नीट की तैयारी कर रही है, उसने बताया कि देर रात करीब 12.30 बजे उनके घर पर पुलिस अफसर व पूर्व मेयर शकुंतला भारती आई थीं। उन्होंने रश्मि गुप्ता पर दवाब डालकर बयान लिखवाया। जब मांगों को मानने की बात आई तो उन्होंने कहा कि मांगों के संबंध में शासन को पत्राचार किया जाएगा। हालांकि, अभी तक कोई भी मांग नहीं मानी गई है। नैनसी ने बताया कि उनकी मां सीधी और सुलझी महिला हैं।
शकुंतला भारती ने परिवार के आरोपों से साफ तौर पर कहा है कि वह पीड़ित परिवार से मिलने गई थीं। दवाब डालकर बयान नहीं लिखवाया है। इस आरोप-प्रत्यारोप की रार में एक सवाल मुंह खोले खड़ा हो गया है कि चाहे बयान दबाव में लिखवाया है या पीड़ित परिवार ने सहमति से लिखा है। अगर इसके आधार पर मुकदमा एक्सपंज होता है तो फिर डॉ. राजीव गुप्ता को इंसाफ कैसे मिलेगा। इस घटना का जिम्मेदार कौन होगा।
इंस्पेक्टर पर गिर गई मुकदमा दर्ज करने की सजा
इंस्पेक्टर जावेद खां को लाइन हाजिर किए जाने के बाद से एक चर्चा जिले में शुरू हो गई है कि क्या उन्हें अधिकारियों व मेयर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की सजा मिली है। हालांकि अधिकारी इस मामले में शांत है। इसे विभागीय फैसला बता रहे हैं। एक माह के भीतर इस प्रकार से किसी इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर करने का यह दूसरा मामला है। इससे पहले गांधी पार्क थाने से इंस्पेक्टर मणिकांत शर्मा को हटाया गया था।
जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : मंडलायुक्त
मंडलायुक्त एवं स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के चेयरमैन जीएस प्रियदर्शी ने कहा है कि महेंद्र नगर में डा. राजीव की मौत एक गंभीर मामला है। इसमें जिलाधिकारी ने जांच का निर्देश दे दिया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी कार्रवाई करेंगे। जहां भी काम हो रहा है, जल निगम वहां बैरीकेडिंग लगाए। सुरक्षा के सभी मानक पूरे करे। अगर मानक पूरे नहीं होते हैं तो जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई कराए। ये मामला स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का नहीं है। ये जल निगम के अमृत योजना के तहत काम कराया जा रहा है।
नगर आयुक्त के खिलाफ एफआईआर के विरोध में ज्ञापन
महेंद्र नगर में सीवर लाइन के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरकर डाक्टर की मौत प्रकरण में नगर आयुक्त, मेयर एवं नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ हुई एफआईआर से नगर निगम कर्मियों में रोष है। उन्होंने सोमवार को अलीगढ़ नगर निगम कर्मचारी कल्याण समिति के बैनरतले एसीएम द्वितीय से मुलाकात कर डीएम एवं प्रमुख सचिव नगर विकास के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ के नेताओं ने कहा कि सीवर लाइन का काम जल निगम कर रहा है। इसका नगर निगम से कोई लेना देना नहीं है। यह जानते हुए भी कुछ लोगों ने राजनीति चमकाने के लिए नगर निगम के मेयर, नगर आयुक्त एवं अन्य अधिकारियों के विरुद्ध पीड़ित परिवार पर दबाव डालकर एफआईआर दर्ज कराई है। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष संजय सक्सेना, प्रांतीय संगठन मंत्री विजय गुप्ता, महामंत्री मानवेंद्र सिंह बघेल समेत अन्य कर्मचारी शामिल थे।
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