क्षेत्र के गांव टीकापुर में सांड़ ने एक बुजुर्ग पर हमला बोल दिया। बुजुर्ग को सींगों से उठाकर जमीन पर पटका। मुश्किल से लोगों ने बुजुर्ग को बचाया। बुजुर्ग की पीठ, हाथ, पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। दाईं ओर के कान का परदा कटकर गिर गया। इगलास के एक निजी चिकित्सक के यहां उनका इलाज चल रहा है।
जानकारी के अनुसार शनिवार की सुबह टीकापुर निवासी देवीराम पुत्र वेदराम शौच के लिए जंगल गए थे। इसी दौरान एक सांड़ उनके पीछे पड़ गया। सींगों से हमला कर बुजुर्ग को घायल कर दिया। इसी दौरान गांव के कुछ लोग जो जंगल की ओर से गए थे उन्होंने किसी तरह सांड़ से देवीराम को बचाया। निजी चिकित्सक के यहां उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सक के अनुसार बुजुर्ग को गंभीर चोटें आई हैं। एक माह तक आराम के लिए परामर्श दिया गया है।
गांव के रामकिशोर कश्यप का कहना है कि आवारा पशुओं का ठोस इंतजाम नहीं किया जा रहा है। आवारा पशु फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। खेतों से खदेड़ने पर यह पशु हिंसक होकर हमला कर रहे हैं।
गहलऊ के मजरा नगला देव में फसलों की रखवाली कर रहे किसानों पर गोवंश ने हमला कर दिया। इससे तीन किसानों के चोटें आई हैं। नगला देव निवासी शिवकुमार (35) पुत्र बलवीर सिंह, हरीमोहन (40) पुत्र बिजेंद्र सिंह, रनवीर (40) पुत्र निरंजन सिंह अपने खेतों में गेहूं की फसल की रखवाली कर रहे थे तभी आवारा गोवंश का झुंड उनके खेतों में घुसा। यह तीनों किसान गोवंश को भगाने के लिए दौड़े तो आवारा गोवंश ने इन किसानों पर ही हमला बोल दिया। इससे तीनों किसानों के चेहरों पर चोटें आई हैं।
पीड़ित किसानों ने हमला करने वाली एक गाय को कुछ किसानों की मदद से घेरकर पकड़ लिया और एक घेर में बंद कर दिया। सुबह एसडीएम व 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। एसडीएम रेनू सिंह के निर्देश पर कानूनगो रामजी लाल, लेखपाप अंकुर वार्ष्णेय और गोंडा ब्लाक से पशु चिकित्सकों की टीम नगला देव पहुंचे। पशु चिकित्सकों ने कहा कि गाय पागल नहीं है। भीड़ को देखकर डर रही है। उससे छेड़खानी न करने की हिदायत दी। गांव के सत्यवीर सिंह, इंद्रजीत सिंह, दलबीर सिंह, अजय बौहरे, राजकुमार, सुंदर सिंह, अर्जुन सिंह, रामवीर सिंह, तोताराम, तेजवीर, विक्रम सिंह ने कहा कि गोशाला बन जाए तो फसल और किसान दोनों बच सकें।