अलीगंज (एटा) के लॉजिस्टिक कारोबारी व सीमेंट सप्लायर संदीप गुप्ता हत्याकांड में बुधवार को नियत तारीख पर भी आरोप तय नहीं हो सके। इस मामले में सभी आरोपी अदालत में हाजिर हुए, मगर बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की ओर से बहस के लिए समय मांगा गया। इस पर अदालत ने अब आरोप तय करने के लिए बृहस्पतिवार (21 जुलाई) की तारीख नियत की है।
सिविल लाइंस के गांधी आई तिराहे पर 27 दिसंबर 2021 की देर शाम हुए इस बहुचर्चित हत्याकांड में 10 बालिग व 3 नाबालिग आरोपी हैं। इनमें से 10 बालिग आरोपियों की पत्रावली एडीजे-3 की अदालत में विचाराधीन है और उस पर बुधवार को सभी आरोपियों पर आरोप तय करने की तारीख नियत थी। एडीजीसी केएम जौहरी के अनुसार नियत तारीख पर सभी दस आरोपी अदालत में हाजिर हुए। जिनमें से 9 को जेल से लाया गया, जबकि जमानत पर रिहा हुए मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल ट्रांसपोर्टर राजीव अग्रवाल खुद अदालत आए। इस दौरान कुछ आरोपियों के अधिवक्ताओं की ओर से बहस के लिए समय मांगा गया। इस पर अदालत ने आज बृहस्पतिवार की तारीख नियत कर दी है।
राजीव ने दो शादी के मुद्दे पर उठाया सवाल
अलीगढ़। संदीप हत्याकांड में जेल से जमानत पर रिहा होकर आए ट्रांसपोर्टर राजीव अग्रवाल ने पुलिस के उस खुलासे पर सवाल उठाया है, जिसमें पुलिस ने राजीव की दो शादियों की बात कही। बुधवार को दीवानी पहुंचे राजीव व उनकी पत्नी मीनाक्षी अग्रवाल ने बातचीत में कहा कि पुलिस ने खुलासे के समय कहा था कि इस हत्या का मुख्य साजिशकर्ता मेरा बेटा अंकुश मेरी यानि राजीव की पहली पत्नी की संतान है। राजीव के अनुसार यह तथ्य निराधार और गलत है। इस सवाल का जवाब पुलिस दे। इसका साक्ष्य भी दे। उन्होंने पुलिस के इस खुलासे को निराधार बताया। बता दें कि पुलिस ने उस समय इसी वजह से अंकुश के घर से अलग रहने की एक वजह भी बताई थी।