मिठाई : 116 नमूने लिए गए थे। 6 फरवरी को आई जांच रिपोर्ट में 52 नमूने फेल आए। इसमें मैदा, घटिया खोआ, चीनी की जगह सैकरीन, केमिकल रंग आदि पाया गया।
घर पर ऐसे जांच करें : सामान्य से अधिक चमक, सुंदर दिखे तो सतर्क हो जाएं। सस्ती मिठाई पर चांदी के वर्क का काम है तो घटिया सामग्री की संभावना अधिक होती है। इस्तेमाल की अवधि जांच लें। कुछ मिठाइयों को फ्रिज में नहीं रखें, मॉइस्चर आ सकता है। इससे फंगस की संभावना रहती है।
नमकीन : 28 नमूने लिए। 6 फरवरी को आई जांच रिपोर्ट में 15 फेल पाए गए। इनकी मियाद निकल चुकी थी। कलर मिला पाया गया
घर पर ऐसे जांच करें : अधिक मसाला युक्त नमकीन दिख रही हो, कुछ अजीब गंध आ रही हो तो जान लें कि नमकीन की गुणवत्ता खराब है।
खराब गुणवत्ता की मिठाई नमकीन धीमा जहर जैसा असर करती हैं। इनका असर तुरंत नहीं दिखाई देता है। इनके लगातार सेवन से किडनी, लीवर, धमनियों में ब्लॉकेज, पाचन संबंधी जटिल समस्याएं पैदा हो सकती हैं। बच्चों की सेहत के लिए तो यह बहुत घातक हैं। - डॉ. प्रदीप बंसल, वरिष्ठ चिकित्सक
विभाग के पास ताजा रिपोर्ट 31 जनवरी 2025 को आई है। इसमें जो नमूने फेल पाए गए हैं उनके खिलाफ विभागीय नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जा रही है। जिन मामलों में विभाग की ओर से वाद दायर किया जाना है उसमें वाद भी दायर करने की तैयारी है। - दीनानाथ यादव, मंडलीय खाद्य सुरक्षा आयुक्त