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Akhilesh Yadav: संभल में सरकार-प्रशासन ने कराया झगड़ा, भाजपा देश-प्रदेश में शांति नहीं चाहती

Sun, 01 Dec 2024 11:04 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

सपा प्रमुख अखिलेश यादव अलीगढ़ में पूर्व विधायक जफर आलम और हाजी जमीर उल्लाह खान के आवास पर जाकर मिले। अखिलेश यादव ने मीडिया से मुखातिब होते हुए संभल मामले पर प्रदेश सरकार और प्रशासन को आड़े हाथ लिया।
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पूर्व विधायक जफर आलम के साथ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ में सपा के पूर्व विधायक जफर आलम के आवास पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि संभल में सरकार और प्रशासन ने मिलकर झगड़ा कराया है। भाजपा देश-प्रदेश में शांति नहीं चाहती है, जबकि सपा शांति, खुशहाली और समृद्धि के पक्ष में है।

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इतनी जल्दी दूसरी बार सर्वे की क्या जरूरत
अखिलेश यादव ने कहा कि संभल में जब एक बार जामा मस्जिद का सर्वे हो गया है, तो इतनी जल्दी दूसरी बार सर्वे की क्या जरूरत थी। दूसरी बार सर्वे की टीम गई, तो उसमें भाजपाई शामिल थे। इसका सीधा मतलब है कि संभल में सरकार व प्रशासन ने मिलकर झगड़ा कराया और शहर को नफरत की आग में झोंका गया है। अन्याय सरकार और प्रशासन ने किया है। पीड़ितों को न्याय मिले, वहां शांति कायम हो, लेकिन भाजपा को शांति पसंद नहीं है।
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आखिर कब तक रोका जाएगा मिलने से
अखिलेश यादव ने कहा कि 15 सदस्यीय सपा प्रतिनिधि मंडल संभल में पीड़ितों से मिलने के लिए जा रहा था, लेकिन प्रशासन ने उसे मुरादाबाद के मूंढापांडे पर रोक दिया। मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा को उनके आवास से बाहर निकलने नहीं दिया। यह सब क्या है? आखिर कब तक लोगों और पार्टी प्रतिनिधिमंडल को पीड़ितों से मिलने से रोका जाएगा। एक न एक दिन उनसे भेंट हो ही जाएगी। पीड़ितों पर दबाव बनाया जा रहा है, जिसे सुप्रीमकोर्ट देख रहा है। अगर सर्वे के दौरान उपजे विवाद से पहले प्रशासन ने तेजी और सतर्कता दिखाई होती, तो पांच लोग नहीं मारे जाते। संभल के हालात नहीं बिगड़ते। स्कूल-कॉलेज बंद नहीं होते। कारोबार-व्यापार चौपट नहीं होता, लेकिन इससे भाजपा सरकार को कोई सरोकार नहीं है।

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संभल में भी लगा दिए जाएंगे टिन

मारे गए लोगों को शहीद बताने के सवाल के जवाब में अखिलेश ने कहा कि यह किसकी भाषा है, समझी जा सकती है, क्योंकि यह लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है। अखिलेश ने कहा कि जिस तरह लखनऊ में एक हादसे के बाद प्रशासन ने टिन लगवा दिए थे, क्या संभल में हर जगह टिन लगा दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी शांति, समृद्धि और खुशहाली की पक्षधर है। अगर ऐसा होगा तो देश प्रगति के पथ पर दौड़ेगा ही नहीं, बल्कि उड़ान भरेगा।

देश संविधान से नहीं, मन विधान से चलाना चाहती है भाजपा
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा देश को संविधान से नहीं, बल्कि मन विधान से चलाना चाहती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह विधानसभा उपचुनाव में सरकार के इशारे पर प्रशासन ने मतदाताओं को वोट नहीं डालने दिया। बेइमानी की गई। इसलिए कहना पड़ रहा है कि देश संविधान से नहीं, बल्कि भाजपा नेता अपने मन विधान से चला रहे हैं। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था नहीं है।
 
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आरएसएस प्रमुख की बातों को भी नजरअंदाज कर रहे भाजपाई

अजमेर में सर्वे के सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपाई अपने आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत की उस बात को नजर अंदाज कर रहे हैं। जिसमें उन्होंने कहा था कि हर मस्जिद में मंदिर न खोजें।

एएमयू : शिक्षा के क्षेत्र में भाजपा नहीं करना चाहती काम
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एएमयू के अल्पसंख्यक दर्जे को लेकर कहा कि वह कोई सियासत नहीं कर रहे हैं। सियासत तो भाजपा कर रही है। शिक्षा के क्षेत्र में भाजपा कोई काम नहीं करना चाहती है। उन्होंने कहा कि 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से उखाड़ने को लेकर जनता ने तैयारी कर ली है। कुंदरकी और मीरापुर विधानसभा चुनाव में जिस तरह लोकतंत्र का गला घोंटा गया है। वोटों की लूट हुई है, उसका जवाब जनता देगी।
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