मारे गए लोगों को शहीद बताने के सवाल के जवाब में अखिलेश ने कहा कि यह किसकी भाषा है, समझी जा सकती है, क्योंकि यह लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है। अखिलेश ने कहा कि जिस तरह लखनऊ में एक हादसे के बाद प्रशासन ने टिन लगवा दिए थे, क्या संभल में हर जगह टिन लगा दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी शांति, समृद्धि और खुशहाली की पक्षधर है। अगर ऐसा होगा तो देश प्रगति के पथ पर दौड़ेगा ही नहीं, बल्कि उड़ान भरेगा।
देश संविधान से नहीं, मन विधान से चलाना चाहती है भाजपा
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा देश को संविधान से नहीं, बल्कि मन विधान से चलाना चाहती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह विधानसभा उपचुनाव में सरकार के इशारे पर प्रशासन ने मतदाताओं को वोट नहीं डालने दिया। बेइमानी की गई। इसलिए कहना पड़ रहा है कि देश संविधान से नहीं, बल्कि भाजपा नेता अपने मन विधान से चला रहे हैं। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था नहीं है।
अजमेर में सर्वे के सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपाई अपने आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत की उस बात को नजर अंदाज कर रहे हैं। जिसमें उन्होंने कहा था कि हर मस्जिद में मंदिर न खोजें।
एएमयू : शिक्षा के क्षेत्र में भाजपा नहीं करना चाहती काम
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एएमयू के अल्पसंख्यक दर्जे को लेकर कहा कि वह कोई सियासत नहीं कर रहे हैं। सियासत तो भाजपा कर रही है। शिक्षा के क्षेत्र में भाजपा कोई काम नहीं करना चाहती है। उन्होंने कहा कि 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से उखाड़ने को लेकर जनता ने तैयारी कर ली है। कुंदरकी और मीरापुर विधानसभा चुनाव में जिस तरह लोकतंत्र का गला घोंटा गया है। वोटों की लूट हुई है, उसका जवाब जनता देगी।