कोविड की दूसरी लहर के बाद शनिवार को पहली बार संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ। तहसील कोल में डीएम की अध्यक्षता में जन सुनवाई हुई। सभी तहसीलों में एसडीएम की अध्यक्षता में शिकायतों की सुनवाई हुई। कोल तहसील में हुई जन सुनवाई में 52 शिकायतें आईं, इनमें से चार का मौके पर निस्तारण हुआ। डीएम ने बताया कि पहले हर माह के पहले और तीसरे मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन होता था। अब हर माह के पहले और तीसरे शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन होगा।
नुमाइश मैदान स्थित कृष्णांजलि नाट्यशाला में लगे कोल तहसील के संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 52 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें राजस्व विभाग की 29, विकास विभाग की 2, पुलिस विभाग की 5 व अन्य विभागों से संबंधित 16 शिकायतें रहीं। 4 का मौके पर ही निस्तारण कराते हुए डीएम ने संबंधित अधिकारियों को अन्य शिकायतों का निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापरक निस्तारण करने के निर्देश दिए।
इस दौरान नानऊ निवासी नजीर अहमद ने अलीगढ़-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण से प्रभावित ईदगाह के लिए अन्यत्र भूमि उपलब्ध कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। डीएम ने एसएलओ को आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देश दिए। फल मंडी यूनियन की 120 वर्ग गज भूमि पर फल मंडी के व्यापारी द्वारा अवैध कब्जे की शिकायत यूनियन के सदस्यों ने दी। पनेठी निवासी नवीन प्रताप सिंह ने पंचायती जमीन को दबंगों, भू माफियाओं से कब्जा मुक्त कराने, किसानों को चकमार्ग उपलब्ध कराने के संबंध में आवेदन किया, जिस पर एसडीएम कोल को जांच के लिए आदेश दिए। इसमें कोल विधायक अनिल पाराशर व शहर विधायक संजीव राजा ने भी जनसमस्याओं को सुना। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि जन समस्याओं एवं शिकायतों को लेकर प्रदेश सरकार बहुत ही गंभीर है। समस्त जिला स्तरीय अधिकारी सरकार की मंशा को स्पष्ट रूप से समझें और उसी के अनुरूप शिकायतों का निराकरण करें। डीएम ने निर्देश दिए कि भूमि विवादों को पुलिस एवं राजस्व की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर निस्तारित किया जाए। इस दौरान एसएसपी कलानिधि नैथानी, सीडीओ अंकित खंडेलवाल, एडीएम सिटी राकेश कुमार मालपाणी, डीडीओ भरत कुमार मिश्र, एसडीएम कोल कुंवर बहादुर सिंह, पीडी डीआरडीए सचिन, सीएमओ व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।