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Aligarh News: भरोसे को चोट से आहत थे सलमान, साइकिल छोड़ हुए हाथी पर सवारी

Sun, 16 Apr 2023 12:14 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

सलमान ने एएमयू से बीएससी की उपाधि ले रखी है। वह छात्रनेता भी रहे हैं। इसके बाद वह सपा से जुड़ गए। कई बार सपा से टिकट मांगा, लेकिन उन्हें वर्ष 2022 में सफलता मिली, लेकिन चुनाव नहीं लड़ सके।
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वार्ता करते बसपा के मेयर प्रत्याशी सलमान शाहिद, साथ में मुख्य प्रभारी सूरज सिंह, मुख्य प्रभारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वर्ष 2022 में कोल विधानसभा क्षेत्र से सपा का टिकट कटने के बाद से ही सलमान शाहिद की पार्टी से अंदरूनी नाराजगी चल रही थी। भरोसे को चोट पहुंचने से वह आहत चल रहे थे। खुद को सपाई के बजाय समाजसेवी कहलाने लगे थे। उनकी सपा की सियासी सक्रियता कम हो गई थी। कुछ दिनों के बाद सलमान की बसपा में लामबंदी शुरू हो गई।

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जब उनकी सियासी बिसात बिछ गई, तो उन्होंने एक ही दिन में साइकिल की सवारी छोड़ी और वह हाथी पर सवार हो गए। बसपा ने भी युवा सलमान पर भरोसा दिखाया और उन्हें बसपा ने महापौर पद के लिए प्रत्याशी बना दिया। इससे कई दावेदारों को ख्वाब टूट गए। इनमें निवर्तमान बसपा के महापौर मोहम्मद फुरकान भी शामिल हैं।

सलमान की बसपा में अचानक दस्तक नहीं हुई है। इसके लिए वह लगातार कोशिश में थे। अलीगढ़ से लेकर लखनऊ तक के नेताओं के संपर्क में रहे। नगर निकाय चुनाव का बिगुल फुंकते ही उनकी रफ्तार और तेज हो गई। जब हाईकमान से हरी झंडी मिल गई, तो उन्होंने शनिवार को 20 साल पुरानी सपा छोड़कर उसी दिन ही बसपा की सदस्यता ले ली।
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सलमान ने एएमयू से बीएससी की उपाधि ले रखी है। वह छात्रनेता भी रहे हैं। इसके बाद वह सपा से जुड़ गए। कई बार सपा से टिकट मांगा, लेकिन उन्हें वर्ष 2022 में सफलता मिली, लेकिन चुनाव नहीं लड़ सके। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने को लेकर उनकी प्राथमिकताएं भी हैं। हर वार्ड में मोहल्ला क्लीनिक, स्कूल, सफाई और नाली की बेहतर व्यवस्था बनाना शामिल है। सलमान ने कहा कि चुनाव से पहले भी उन्होंने खूब सामाजिक कार्य किए हैं। शव रखने के लिए डीप फ्रीज दिया है। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा में शुद्ध पानी के लिए आरओ लगवाया।

विरोध के चलते कटा टिकट
बसपा के निवर्तमान महापौर मोहम्मद फुरकान का टिकट लगातार बढ़ रहे उनके विरोध के चलते कटा है। बसपा भांप चुकी थी कि इस बार नए प्रत्याशी के सहारे चुनाव की वैतरणी पार की जा सकती है। बीच-बीच में पार्टी नेता अंदरूनी सर्वे कर रहे थे। जब उन्हें यकीन हो गया कि प्रत्याशी में बदलाव जरूरी है, तो उन्होंने सपा छोड़कर आए सलमान शाहिद को मोहम्मद फुरकान की जगह प्रत्याशी बना दिया। मोहम्मद फुरकान टिकट को लेकर आश्वस्त थे, लेकिन उन्हें ठीक चुनाव से पहले पार्टी ने बड़ा झटका दे दिया।

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