निकाय चुनाव से ऐन पहले भारतीय जनता पार्टी में प्रत्याशी चयन को लेकर शुरू हुई रार किस करवट जाकर थमेगी? इस पर अब सभी चुप्पी साधे हुए हैं। मगर अंदरखाने खेमेबंदी का दौर जारी है। शुक्रवार को हुई स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में जिले की चार व महानगर की दो निकायों का पैनल नहीं बन सका है।
जिले का अधिकांश निकायों को पैनल बन गया है, जिसे क्षेत्र कार्यालय भेजा जाएगा। कुछ पर सहमति नहीं बनी थी, उसे भी पूरा कर लिया जाएगा। विवाद जैसी कोई बात नहीं हुई। बस महानगर अध्यक्ष के पैनल में मौजूद न रहने को कहा गया। उसके बाद वे और उनके साथ कुछ लोग चले गए। अब नए सिरे से बैठक होगी। उसमें महानगर का पैनल बनेगा। महानगर अध्यक्ष के स्थान पर कौन बैठेगा, यह पार्टी तय करेगी।-श्रीचंद्र शर्मा, भाजपा जिला प्रभारी/एमएलसी
महानगर का पैनल शेष रह गया है। उसे एक दो दिन में बैठक कर बना लिया जाएगा। विवाद जैसी कोई बात नहीं है। प्रदेश में शनिवार को व्यस्तता के कारण समय तय नहीं हो पाया है।-राजेश चौधरी गुड्डू, सह प्रभारी निकाय चुनाव/विधायक मांट
महानगर की बैठक जल्द होगी। अभी उसको लेकर प्रदेश मुख्यालय पर व्यस्तता के कारण देर रात तक आदेश का इंतजार है। हो सकता है कि सुबह तक कोई निर्देश मिले। संगठन के निर्देश पर ही काम होगा। -विवेक सारस्वत, महानगर अध्यक्ष भाजपा
विवाद ने बढ़ाई दावेदारों की चिंता
इस विवाद ने भाजपा में दावेदारों की चिंता बढ़ा दी है। इसके पीछे की वजह है कि हर दावेदार किसी न किसी खेमे से जुड़ा हुआ है। ऐसे में यह उसकी चिंता का विषय है कि फलां खेमे से होने के चलते कहीं उसे विवाद का नुकसान न हो जाए। इसलिए सभी दावेदार बस अपनी अपनी स्थिति की टोह लेने में लगे हैं। बाकी कोई भी कुछ बोलने से कतरा रहा है।
ये हैं विवाद की मुख्य वजह