यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की आस्था देखते ही बन रही थी। कोई हाथों में बालाजी महाराज का निशान लेकर चल रहा था तो कोई भजनों पर झूमते हुए प्रभु का गुणगान कर रहा था। बालाजी महाराज के जयकारों से मार्ग गूंजता रहा।
हाथों में बालाजी महाराज के निशान, जुबां पर जयकारे और मन में अटूट आस्था... श्री सालासर बालाजी मंदिर के अष्टम स्थापना उत्सव के प्रथम दिन शुक्रवार को शहर में भक्ति और उल्लास का माहौल नजर आया। सुबह श्री गिलहराजजी मंदिर से धूमधाम के साथ ध्वजा यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु निशान लेकर शामिल हुए।
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बालाजी महाराज के जयकारों और भजन-कीर्तन के बीच श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहे। ध्वजा यात्रा गिलहराजजी मंदिर से शुरू होकर अचलताल, हाथरस अड्डा, खिरनीगेट होते हुए सासनीगेट तक पहुंची। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने यात्रा का स्वागत किया। कहीं पुष्प वर्षा कर भक्तों का अभिनंदन किया गया तो कहीं जलपान की व्यवस्था कर श्रद्धालुओं की सेवा की गई। यात्रा के स्वागत के लिए लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया।
यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की आस्था देखते ही बन रही थी। कोई हाथों में बालाजी महाराज का निशान लेकर चल रहा था तो कोई भजनों पर झूमते हुए प्रभु का गुणगान कर रहा था। बालाजी महाराज के जयकारों से मार्ग गूंजता रहा। मंदिर के अध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया कि श्री सालासर बालाजी मंदिर का अष्टम स्थापना उत्सव धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। ध्वजा यात्रा के साथ उत्सव का शुभारंभ हुआ है।