चंद रोज पहले कश्मीर वापसी की धमकी देने वाले कश्मीरी शोध छात्र व अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान रॉथर का कहना है कि अगर भारतीय जनता पार्टी ने मौका दिया तो वे अलीगढ़ लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने को तैयार हैं। उनका उद्देश्य कश्मीर में हिंसा एवं अफरातफरी खत्म करना है। वह कहते है कि कश्मीर के युवाओं के मन में जो ‘आजादी-आजादी’ के नारे ठूंसे गए हैं, उसे निकालकर उन्हें देश की मुख्य धारा से जोड़ना जरूरी है।
एएमयू के शोध छात्र से आतंकी बने मन्नान बशीर वानी के मारे जाने के बाद चंद रोज पहले नमाज-ए-जनाजा को लेकर उठे विवाद तथा छात्रों के निलंबन के बाद 1200 कश्मीरी छात्रों के साथ एएमयू छोड़ने की चेतावनी देकर सज्जाद ने एएमयू को हिला दिया था। उसके बाद एएमयू प्रशासन द्वारा छात्रों का निलंबन वापस ले लिया गया था। एक दिन पहले सज्जाद ने अमर उजाला को बयान दिया था कि कन्याकुमारी से लेकर पीओके तक हिंदुस्तानी झंडा लहराएंगे।
इस बयान के बाद सज्जाद आलोचकों की निगाह में आ गए हैं और इसको लेकर सोशल मीडिया मे तरह-तरह की बातें कही जा रही है। हालांकि सज्जाद सुभान रॉथर अपने बयान पर अडिग है। शोध छात्र सज्जाद का कहना है कि वह कांग्रेस, सपा एवं बसपा सहित तमाम पार्टी के नेताओं को देख चुके हैं। सभी अपने पेट भरने में लगे हैं। टिकट बेचते हैं। ये लोग नहीं चाहते कि कश्मीर के युवा बाहर निकले और मुख्य धारा की राजनीति में शामिल हो। उन्होंने कहा कि वह कश्मीर के बाहर चुनाव लड़कर कश्मीरी युवाओं को यह संदेश देना चाहते है कि हिंदुस्तान हमारा मुल्क है और यहां की सरकार हमारी सरकार है। उनके मन में ‘आजादी-आजादी’ के गलत विचार भर दिए गए हैं। उन्हें मौका मिला तो वह साबित कर आलोचकों का मुंह बंद कर देंगे। सज्जाद सुभान रॉथर का कहना है कि यह सब भाजपा के साथ मिलकर ही संभव है।