कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव की वजह से बृहस्पतिवार (आज) से शुरू होने वाले सहालग 20 फरवरी तक चलेंगे। कोरोना के चलते अधिकांश शहनाइयों का शोर थमा ही रहेगा। बड़ी शादियां रद्द होने लगी हैं। जबकि छोटे कार्यक्रम वाली शादियों में बरात, घोड़ी जैसे अतिरिक्त खर्च पर रोक लग गई है। ऐसे में बैंड-बाजा-बरात से जुड़े कारोबारी व घोड़ी पालक परेशान हैं। क्योंकि उनकी बुकिंग रद्द हो रही हैं।
खरमास खत्म होने के बाद 20, 22, 23, 27, 29 व 30 जनवरी और 04, 05, 06, 07, 10, 18, 19 व 20 फरवरी को बड़े सहालग हैं। इन सहालगों में धूमधाम से शादियां आयोजित होनी थीं। जिसकी तैयारियां नवंबर-दिसंबर से ही शुरू हो गई थीं। लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण और लागू की जा रही बंदिशों ने फिर से शादी कारोबार पर असर डालना प्रारंभ कर दिया है। सभी बड़ी शादियां अप्रैल-मई तक टाल दी गई हैं। छोटी शादियां सीमित संख्या में आयोजित हो रही हैं। बैंड-बाजा, घोड़ी जैसे अतिरिक्त खर्च खत्म किए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब दस-बीस लोगों में आयोजन होना है तो फालतू का खर्च क्यों बढ़ाया जाए। इस कारण बैंड-बाजा और घोड़ियों की बुकिंग रद्द होनी शुरू हो गई है। मेहमानों की संख्या घटने से टैंट से लेकर खाने-पीने तक का खर्चा कम से कम करने पर लोग जोर दे रहे हैं। बैंड-बाजा कारोबार से जुड़े लोग और घोड़ी पालक परेशान हैं। लोगों का कहना है कि सरकार अगर बंदिशों को खत्म करे अथवा देर रात तक आयोजन करने की अनुमति दे। तभी कोई राहत संभव है।
- लोगों ने अपनी शादियों की बुकिंग रद्द कर दी हैं। अधिकांश बड़ी शादियां अप्रैल-मई के लिए बढ़ाई गई हैं। छोटी शादियों में बरात न निकलने चलते बैंड घोड़ी आदि की बुकिंग रद्द हो रही हैं।
पवन गुप्ता, मां दुर्गा बैंड, मदारगेट।
20 दिनों में 30 बारात बुकिंग थी। जो अब 15 से भी कम हो गई हैं। नया ग्राहक आ नहीं रहा है। अगर प्रधानमंत्री बंदिश में थोड़ी छूट दें तो राहत मिलेगी। नहीं तो यह सहालग सूना ही गुजरेगा।
-फैजान अजंता बैंड, मदार गेट।
-कोरोना के चलते बुकिंग रद्द होने लगी हैं। लोग असमंजस की स्थिति में हैं। बड़ी शादियां आगे के लिए टल गई हैं। इससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।
-प्रदीप गंगा, अध्यक्ष अलीगढ़ टैंट व्यापारी एसोसिएशन।
- बुकिंग रद्द होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छह घोड़ियां थीं। दो मर गई हैं। चार जानवरों का पेट भरने के लिए रोज 800 रुपये खर्च होते हैं। भूसा 15 की जगह 23 रुपये किलो मिल रहा है। जौ का दाना 20 की जगह 30 रुपये किलो मिल रहा है।
मो. मुबीन, घोड़ी पालक।