पति के साथ जिला जज साधना रानी ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
35 वर्ष पहले भरतपुर के राजा मानसिंह हत्याकांड के मामले में ऐतिहासिक सुनवाई करने वाली मथुरा की जिला जज साधना रानी ठाकुर अलीगढ़ की रहने वाली हैं। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से एलएलबी किया है।
साधना रानी के भाई और उनका परिवार अभी भी अलीगढ़ में ही रहता है। उनकी ऐतिहासिक भूमिका में आने से पूरा परिवार बेहद गर्व का अनुभव कर रहा है।
साधना रानी ठाकुर के बड़े भाई अजय गुप्ता कहते हैं कि वह विष्णुपुरी बेला मार्ग पर रहते हैं। साधना उनकी छोटी बहन है। साधना ने अलीगढ़ के टीकाराम इंटर कॉलेज से हाईस्कूल पास किया और एएमयू से एलएलबी का पाठ्यक्रम पूरा किया।
इसके बाद उन्होंने छह महीने सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस भी की। वह यूथ फेस्टिवल में भाग लेने के लिए मॉस्को भी जा चुकी हैं। उन्होंने पीसीएसजे की परीक्षा पहले ही प्रयास में पास कर ली थी।
साधना रानी के पिता कैलाश चंद गुप्ता और मां मनोरमा को शुरू से ही उनसे बहुत लगाव था। अजय गुप्ता कहते हैं कि वह चार बहन भाई हैं। सबसे बड़ी बहन अजीत गुप्ता डॉक्टर हैं और लखनऊ में रहती हैं।
दूसरे नंबर के वह स्वयं (अजय गुप्ता) हैं जिनका अपना एक्सपोर्ट का काम है। तीसरे नंबर की बहन साधना रानी हैं। एक छोटे भाई हैं, जो गुरुग्राम में जनरल मैनेजर हैं। साधना के दो बेटे हैं।
बड़ा बेटा धवल ठाकुर कनाडा में इंजीनियर है और छोटा बेटा अर्पित ठाकुर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। उनके पति हरविंदर ठाकुर आर्मी के रिटायर्ड कर्नल हैं। मथुरा से पहले वह शाहजहांपुर में तैनात रह चुकी हैं और देवरिया की जिला जज रह चुकी हैं।