सचेत-परंपरा ने मेरे सोणियां -सोणियां बे...,ओ फकीरा.., ऐसा तू है निर्मोही..., यारा तेरी यारी को ..., ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे..., वो चली वो चली ..., आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हर जुबान पर ..., छोड़ दो आंचल जमाना क्या कहेगा..., इक अजनबी हसीना से यूं मुलाकात हो गई ..., बिजली गिराने मैं हूं आयी..., ईना, मीना, डीका...आदि गीतों के जरिए दर्शकों को झूूमने पर विवश कर दिया।
राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी में कोहिनूर मंच पर रविवार को चर्चित कलाकार सचेत एवं उनकी हमसफर परंपरा का जलवा देखने को मिला। अपने सुरीले गीतों के जरिए युगल कलाकारों ने दर्शकों के दिल पर अपनी गहरी छाप छोड़ी। इस दौरान उन्होंने दर्शकों की मांग पर अपने पसंदीदा गाने सुना कर उनका खूब मनोरंजन किया। दर्शक अपनी सीटों पर झूमते हुए थिरकते नजर आए।
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सचेत परंपरा मंच पर रात 9: 35 बजे पहुंचे, तो दर्शकों ने मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट के जरिए स्वागत किया । उन्होंने रहना तू पल-पल दिल के पास...गीत से शुरूआत की। इसके बाद उन्होंने सीने से तेरे सिर को लगाकर सुनता मैं रहूं नाम अपना.. सुनाया।
उन्होंने कबीर के प्रसिद्ध गीत मेरे सोणियां -सोणियां बे...,ओ फकीरा.., ऐसा तू है निर्मोही..., यारा तेरी यारी को ..., ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे..., वो चली वो चली ..., आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हर जुबान पर ..., छोड़ दो आंचल जमाना क्या कहेगा..., इक अजनबी हसीना से यूं मुलाकात हो गई ..., बिजली गिराने मैं हूं आयी..., ईना, मीना, डीका...आदि गीतों के जरिए दर्शकों को झूूमने पर विवश कर दिया।
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दर्शकों की दीवानगी इस कदर थी कि वो सीटों पर खड़े होकर सचेत पंरपरा के गीतों पर झूमते और थिरकते नजर आए । इसके बाद उन्होंने अपने प्रसिद्ध गीत शिव तांडव को सुनाया तो मानों मंच पर दर्शक शिव भक्ति में झूूमने लगे।