जेएन मेडिकल कॉलेज के ओपीडी काउंटर पर उमड़ी भीड़।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में ओपीडी सेवाओं के बहाल होने के बाद से मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। हालांकि, ओपीडी में प्रतिदिन देखे जाने वाले मरीजों की संख्या बढ़ाए जाने के बाद भी सैकड़ों मरीजों को डॉक्टर के परामर्श के बिना ही लौटना पड़ रहा है। यहां अलीगढ़ के अलावा अनूपशहर, बदायूं, बुलंदशहर, एटा, कासगंज, हाथरस आदि आसपास के शहरों के मरीज आ रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में विभिन्न बीमारियों से संबंधित 37 विभाग हैं। इनमें से 17 विभागों में प्रत्येक कार्य दिवस में 150 मरीज प्रति विभाग देखे जाने की व्यवस्था की गई है। पहले यह संख्या 100 थी। अन्य विभागों में निर्धारित कार्य दिवसों में सौ मरीज देखे जाने की व्यवस्था की गई है। इसी तरह प्रत्येक कार्य दिवस में जो विभाग अपनी ओपीडी संचालित कर रहे हैं, उसमें कुल 2550 मरीज देखे जा रहे हैं। निर्धारित कार्य दिवस में खुलने वाले विभागों की ओपीडी की संख्या भी जोड़ दी जाए तो परामर्श पाने वाले मरीजों की कुल अनुमानित संख्या 4000 तक पहुंचती है। जबकि यहां पर आने वाले मरीजों की संख्या एक अनुमान के मुताबिक 7000 से अधिक है। ऐसे में निर्धारित संख्या में रजिस्ट्रेेशन के चलते बड़ी संख्या में मरीजों को बिना परामर्श के ही लौटने को मजबूर होना पड़ रहा है।
इस व्यवस्था के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन की अपनी दलीलें हैं। जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी कहते हैं कि महामारी के चलते ओपीडी सेवाओं को लंबे समय तक टेली मेडिसिन के माध्यम से संचालित किया गया था। अब जैसे-जैसे हालात सामान्य हो रहे हैं, ओपीडी में देखे जाने वाले मरीजों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ाई जा रही है। आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ाई जा सकती है। हम तो चाहते हैं जल्द से जल्द महामारी का खात्मा हो और सभी को अच्छे परामर्श और उपचार की सुविधा मिले।