चार साइज की बनती हैं हथकड़ियां
इस फैक्ट्री में फिक्स्ड हैंडकफ (वजन 450 से 500 ग्राम) अंग्रेजों के जमाने से बन रही है, जिसके 4 साइज हैं। 2 इंच, सवा 2 इंच, ढाई इंच व पौने तीन इंच। एडजस्टेबल हैंडकफ (40 साल पुराना) जिसका वजन 450 से 500 है। साइज एक ही बनता है, जो कलाई के अनुसार घट बढ़ जाता है। 8 टाइप 2010 में (400 ग्राम) एक ही स्टैंडर्ड साइज होता है। आरई मोड हैंडकफ 2008 में (350 ग्राम) एक ही साइज, घट बढ़ जाता है। तत्कालीन एसएसपी असीम अरुण के प्रस्ताव पर यही शुरू की थी, जो डबल लॉक में है। हिंजेस मोड हैंडकफ्स (वजन 350 ग्राम) ये लेटेस्ट 2010 में लॉन्च हुआ है। एक ही साइज को जो घट-बढ़ जाता है। लेग कफ 50 साल पुराना है, जिसका एक से डेढ़ किग्रा वजन है। साइज एक ही है, जो घट बढ़ सकता है। इससे भारी वजन की भी हथकड़ी बनती है, जो हॉलीवुड फिल्मों में इस्तेमाल होती है।
अभी किया उसे एसएस का, अब नए वर्जन को कराएंगे पेटेंट
रुद्रा इंटरप्राइेजज के संचालक सुधांशु मिश्रा बताते हैं कि देश और कई विदेशी मुल्कों में भी हमारी यहां बनी हथकड़ियों की सप्लाई हो रही है। हथकड़ी के मामले में मुकाबला सिर्फ चीन से है। अभी हमने अपनी हथकड़ी को स्टेनलेस स्टील का किया है। जल्द ही लॉक पैटर्न पर लीवर बेस्ड कुछ नए डिजाइन की हथकड़ियां बाजार में लाने वाले हैं। जिनका पेटेंट भी कराया जा रहा है। इसका पूरा ब्लू प्रिंट भी तैयार कर लिया गया है।
ये भी बनाते हैं अमेरिकन हथकड़ी
सुदामापुरी के रमेश चंद्र शर्मा अमेरिकन हथकड़ी बनाते हैं। इनकी भी दूसरी पीढ़ी इस कारोबार में है। उनके बेटे अमित बताते हैं कि हमारा कारोबार प्रदेश के कई जनपदों के अलावा देश के कुछ राज्यों में है। उनके यहां अमेरिकन हैंडकफ हथकड़ी बनती है, जिसकी डिमांड है। वे अभी दूसरे देशों को सप्लाई देने को तैयार नहीं हैं।