गांव लोहगढ़ के निकट हुए हादसे में पांच बेकसूर लोगों की मौत के बाद आखिरकार आरटीओ दफ्तर जाग गया। एआरटीओ ने गुरुवार को अतरौली क्षेत्र में छापेमार कार्रवाई करते हुए दिल्ली जा रहीं दो डग्गेमार बसों को सीज कर दिया। इतना सब कुछ होने के बाद भी डग्गेमारी रुकने का नाम नहीं ले रही।
दिल्ली जा रही निजी बस बुधवार को अतरौली के गांव लोहगढ़ के निकट पलट गई थी। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक दर्जन से अधिक गंभीर रूप से घायल अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। दिल्ली रूट पर चलने वाली डग्गेमार बसों के अवैध संचालन को बंद कराने के लिए कई बार आवाजें उठीं। लेकिन कभी कार्रवाई नहीं की गई। हादसा होने के बाद एआरटीओ टीम के साथ क्षेत्र में निकले और उन्होंने दिल्ली जा रहीं दो डग्गेमार बसों को सीज कर दिया।
बस दुर्घटना की जांच एआरटीओ ने की शुरू
अलीगढ़। अतरौली के गांव लोहागढ़ में बुधवार को बस पलट गई थी, इस मामले में गुरुवार को सहायक संभागीय अधिकारी जांच करने के लिए अतरौली पहुंचे। उधर, इस दुर्घटना के लिए कांग्रेस के पूर्व सांसद ने जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को जिम्मेदार बताते हुए मृतकों और गंभीर रूप से घायलों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है।
विभागीय अफसरों ने बताया कि एआरटीओ (ई) राजेश राजपूत गुरुवार को इस मामले की जांच करने के लिए अतरौली पहुंच गए। जांच में उन्होंने पाया कि इस बस का बागपत में रजिस्ट्रेशन हुआ है। ऑल यूपी परमिट 2018 तक, बस की फिटनेस 2017 तक वैद्य है। इसके साथ ही उन्होंने कई बिंदुओं को जांच के दायरे में रखा है।
एआरटीओ इस प्रकरण की पूरी जांच करने के बाद जांच रिपोर्ट आरटीओ को सौंपेंगे। उधर, कांग्रेस के पूर्व सांसद चौ. विजेंद्र सिंह ने अतरौली के गांव लोहगढ़ गांव की बस दुर्घटना पर दुख व्यक्त करते हुए इस दुर्घटना के लिए जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि प्रदेश, केंद्र सरकार अपने-अपने कोष से मृतकों को 25-25 लाख और गंभीर रूप से घायल लोगाें को 5-5 लाख रुपये आर्थिक सहायता दे। उन्होंने कहा कि बिना रूट तय व बिना परमिट के डग्गेमारी से बसें चलाई जा रही थीं