मध्य प्रदेश में गिरफ्तार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के 11 एजेंटों के मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग को लेकर एएमयू छात्र संघ ने कैंपस में मार्च निकाला। छात्रों ने जमकर भाजपा एवं संघ परिवार के खिलाफ नारेबाजी की और आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।
गत दिनों एंटी टेरेरिज्म स्क्वॉड (एटीएस) द्वारा मध्य प्रदेश के कई शहरों में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने वाले 11 लोगों को गिरफ्तार किया। इसमें भोपाल के भाजयुमो आईटी सेल के जिला संयोजक ध्रुव सक्सेना समेत कई भाजपा के नेता शामिल हैं।
जुमे की नमाज के बाद निकाले गए विरोध मार्च के बाद बाब-ए-सैयद पर आयोजित सभा में छात्र नेताओं ने सरकार पर इस मामले को दबाने का आरोप लगाया और कहा कि बंगलादेश के आतंकवादी इस्लामी धर्म गुरू डॉ. जाकिर नायक को नेट पर फॉलो करते थे तो जाकिर नायक के फाउंडेशन को बंद कर दिया गया। आईएसआई के लिए जासूसी करने वाले भाजपा एवं संघ परिवार के नेताओं के खिलाफ सरकार कार्रवाई क्यों नहीं कर रही।
छात्रों ने कहा कि गिरफ्तार भाजपाई मध्य प्रदेेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई नेताओं के साथ मंच पर देखे गए हैं। छात्रों ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी इस्तीफे की मांग की। छात्र संघ अध्यक्ष फैजुल हसन ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है।
भोपाल एनकाउंटर में 8 लोगों को मार दिया गया जबकि यह साबित भी नहीं हुआ था कि वह आतंकवादी हैं। कार्यक्रम को उपाध्यक्ष नदीम अंसारी एवं सचिव नबील उस्मानी आदि ने संबोधित किया। जुमे की नमाज के बाद आयोजित विरोध मार्च में छात्र अपने हाथ में पोस्टर भी लिए थे। स्थानीय प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भेजा।