फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोमांटिक गानों से ‘उदास’ हुई ‘गजल’

Mon, 08 Feb 2016 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार की शाम को नुमाइश में कोहिनूर मंच पर मशहूर गजल गायक चंदन दास की नाइट हुई तो कृष्णांजलि में सारेगामा फेम के तन्मय चर्तुवेदी के साथ म्यूजिकल नाइट। उदास गजलों को दर्शक नहीं मिले तो तन्मय के कार्यक्रम में भीड़ ज्यादा जुटी। तन्मय रोमांटिक गाने पेश कर रहे थे और उनके साथ डांसरों का ग्रुप था तो चंदन दास अपनी सुपरिचित पारंपरिक गजलों की पेशकश कर रहे थे।
विज्ञापन


चंदन दास नाइट का शुभारंभ एडीएम सिटी अवधेश तिवारी और खुद चंदन दास ने संयुक्त रूप से किया। इसके बाद चंदन दास ने हरमोनियम थाम कर सुर लगाए और पहली गजल गायी- मौसम की आरजू को न ठुकराइए जनाब.. मेरी गजल को साथ लिए जाइए जनाब..। इस गजल को चंदन ने अपने खास अंदाज में 50 मिनट तक सुनाया। जिसमें अपने बारे में भी उन्होंने बखूबी बताया- चंदन हूं मै प्यार की खूशबू हूं.. मेरे करीब और सिमट जाइए जनाब..। चंदन हूं मैं तो प्यार की खुशबू लुटाऊंगा.. तनहा न अपने आपको पाइये जनाब..। लेकिन पंडाल में दर्शकों की संख्या घटती गई और कुर्सियां खाली होने लगी।

वीआईपी और पास की मारामारी नहीं हुई। उन्होंने नसीम अजमेरी   की लिखी दूसरी गजल- कहता है कौन मेरी तबियत उदास है, समझेगा कौन उनकी जुदाई रास है.. सुनाई तो कुछ तालियां भी बजीं। खास श्रोताओं को ये कार्यक्रम   पसंद आया लेकिन आम दर्शकों   पर चंदन दास अपनी छाप नहीं छोड़ पाए। नए घड़े के पानीसे जब मीठी खुशबू आ रही है..यूं लगता है जैसे तेरी खुशबू आ रही है..।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें