खलीलाबाद में पकड़े गए फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में रह रहे रोहिंग्या को अलीगढ़ से फंडिंग करने वाले मीट फैक्टरी के लेबर ठेकेदार को एटीएस ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया है। मगर अभी क्लीनचिट नहीं दी है। संकेत हैं कि उससे काफी कुछ जानकारी मिली हैं और अलीगढ़ से कई लोगों से पूछताछ व साक्ष्य मिलने पर कुछ की गिरफ्तारी भी हो सकती है। इधर, ठेकेदार का परिवार गायब है और वह खुद भी शुक्रवार को अपने घर नहीं पहुंचा।
खलीलाबाद में अजीजुल की गिरफ्तारी के बाद यहां से एक नामचीन मीट फैक्टरी का लेबर ठेकेदार एटीएस द्वारा पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। यह ठेकेदार वैसे तो खुद को पश्चिम बंगाल के कोलकाता का बताता था। मगर रहता रोहिंग्या परिवारों के साथ में ही था। उसने काफी समय तक यहां खाल बेचने खरीदने का व्यापार भी फैक्टरी से बाहर किया। उसके विषय में टीम को जानकारी मिली थी उसने अजीजुल को फंडिंग की है। उससे पूछताछ के बाद टीम को काफी कुछ जानकारियां मिली हैं। उन जानकारियों के आधार पर अलीगढ़ से कुछ और लोगों से पूछताछ होने व गिरफ्तारी होने तक के संकेत हैं। फिलहाल इस ठेकेदार को छोड़ दिया गया है। मगर सबसे खास बात है कि अभी तक उसे क्लीनचिट नहीं है।
यह बात खुद शुक्रवार को लखनऊ में एडीजी एटीएस ने मीडिया के समक्ष स्वीकारी है। संकेत दिए हैं कि जल्द टीम गिरफ्तारी व पूछताछ के लिए अलीगढ़ आएगी। इधर, शुक्रवार को वह अपने घर नहीं पहुंचा। वहीं उसका परिवार दूसरे दिन भी गायब रहा। दिन भर घर पर ताला लटका रहा। शुक्रवार को स्थानीय एजेंसियां भी उसकी जानकारी लेने मकदूम नगर पहुंचीं। इस घटनाक्रम के बाद से इलाके में सन्नाटे का माहौल है।