एटीएस द्वारा मानव तस्करी के आरोप में नोएडा से गिरफ्तार रोहिंग्या हसन उर्फ फारुख का अलीगढ़ से गहरा नाता है। यहां उसकी मां के अलावा पत्नी व चार बच्चे रह रहे हैं। उसने यहां लंबे समय तक मीट फैक्टरी में काम किया है। वर्ष 2019 के बाद से वह गायब है। कभी-कभी परिवार से मिलने आता है।
लखनऊ एटीएस ने म्यांमार से रोहिंग्या लोगों को फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत लाने वाले दो लोग गिरफ्तार किए हैं। इनमें से एक रोहिंग्या हसन उर्फ फारुख है, जिसे नोएडा से पकड़ा है। उसका परिवार आज भी मकदूम नगर कमेला रोड इलाके में रहता है।
पत्नी, मां व चार बच्चे यहां बसे हुए हैं। हसन के विषय में इलाके से मिली जानकारी के अनुसार वह वर्ष 2011 में परिवार के साथ यहां आया और 2014 तक उसने मीट फैक्टरी में काम किया। इसके बाद वह अपने रिश्तेदार के पास नूंह हरियाणा चला गया। वहां से 2015 में लौटकर आया और 2019 में एक दिन आगरा में किसी बंग्लादेशी युवक युवती के संपर्क में आया। इसके बाद से वह खुद यहां नहीं रहता। परिवार यहीं रहता है। उनसे मिलने भी कभी कभी आता है।