थाना क्षेत्र के गांव भवानीपुर निवासी रोबिन कुमार के शव का परिजनों ने 60 घंटे बाद अंतिम संस्कार कर दिया। डीआईजी व एसएसपी से निष्पक्ष कार्रवाई के आश्वासन पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। मामले में प्रेमिका व उसके पिता समेत सात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
रोबिन कुमार (23) की संदिग्ध मौत को लेकर कई दिनों से गांव में तनाव की स्थिति थी। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इन्कार कर दिया और शव को डीप फ्रीजर में रख दिया। हालात को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
रविवार शाम पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा, लेकिन परिजन अंतिम संस्कार को तैयार नहीं हुए। घटना के करीब 60 घंटे बाद मंगलवार को मृतक के भाई विवेक नायक ने परिजनों के साथ डीआईजी प्रभाकर चौधरी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन से मुलाकात की।
अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। इसके बाद मंगलवार रात आठ बजे पुलिस सुरक्षा के बीच रोबिन के शव का अंतिम संस्कार कराया गया। मामले में रोबिन के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने प्रेमिका पक्ष के लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया है। इसमें खुशी पुत्री कैलाश, कैलाश पुत्र सौदान सिंह, गिरेंद्र, निपुन पुत्र गिरेंद्र उर्फ बबलू, निखिल पुत्र कैलाश और ममता पत्नी कैलाश सहित सात को नामजद किया गया है।
घटना के बाद गांव के करीब दो दर्जन घरों में चूल्हे तक नहीं जले। घटना की जानकारी मिलने पर सपा जिला अध्यक्ष लक्ष्मी धनगर, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि महावीर सिंह यादव, राकेश यादव प्रमुख, देवेंद्र यादव, गगन लोधी सहित कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। थाना प्रभारी रणजीत सिंह का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तुमने एक बार भी मेरी तरफ देखा होता, तो मैं जी रहा होता...
रोबिन की जेब से प्रेमिका के नाम लिखा एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने लिखा है, मैं आज तुम सबको तुम्हारे हाल पर छोड़ कर जा रहा हूं। तुमने एक बार भी यदि मेरी तरफ देखा होता तो आज मैं कहीं आराम से जिंदगी जी रहा होता...।
सुसाइड नोट में आगे लिखा है कि शायद मेरी किस्मत ही खराब थी। मैंने आपको बताया था मां-बाप के बिना बताए कोई काम नहीं करना चाहिए, लेकिन तुमने तो वह शर्त रख दी जो मैं कभी तोड़ भी नहीं सकता था। इससे अच्छा मैंने यह रास्ता चुन लिया और हमेशा के लिए इस दुनिया से दूर हो गया। आखिर मैं जीता भी कैसे। मैंने चार साल से उसके लिए अपना सब मिटा दिया सब लुटा दिया।
मैं भी बहुत अच्छी जिंदगी जीता था। रोज पढ़ाता था। कोई परेशानी नहीं थी। एक दिन ये जिंदगी में आई इसने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी। आज उसे भी यह कहना चाहता हूं तुम बहुत कहती थी सगाई वाले से बात करूंगी शादी भी उसी से करूंगी तो अब कर लेना मैं नहीं रोक रहा।
अब तुम आजाद हो। काश तुम मुझे मिली ही ना होती तो आज मैं अपने परिवार के साथ रहता। तुमने मेरा जीना छीन लिया। मैं अब जा रहा हूं। तुझे उसके पास छोड़कर। मम्मी-पापा तुम्हारे उस वीडियो ने मुझे आगे बढ़ने से तो रोक लिया पर इस कदम को उठाने से नहीं रोक पाए। मैंने अपना सब कुछ बर्बाद कर दिया। इसलिए मैं किस मुंह से आप सबके सामने जाता। मैंने आपको धोखा तो दिया है पर मैं तुमको धोखा देकर जा रहा हूं। कृपा कर आप सब लोग मुझे माफ कर दें।
रोबिन की मौत पर रोते-बिलखते परिजन। संवाद
रोबिन की मौत पर रोते-बिलखते परिजन। संवाद