त्योहार पर रोडवेज की अतिरिक्त बसें चलाने की घोषणा यात्रियों की भारी भीड़ के आगे दम तोड़ गई। भाई दूज पर 23 अक्तूबर को भाई-बहनों को रोडवेज बसों की अव्यवस्थाओं का शिकार बनना पड़ा। यात्रियों की संख्या के हिसाब से बेहद कम बसें चलीं। इससे यात्री घंटों बसों के इंतजार में भटकते रहे।
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सारसाैल व मसूदाबाद बस स्टैंड पर कानपुर, एटा, मथुरा, आगरा, हाथरस, कासंगज, मुरादाबाद रूट पर जाने वाले यात्रियों की खासी भीड़ रही। बसों की कमी के चलते यात्री घंटों बसों के इंतजार में भटकते रहे। कुछ ने तो वाहन न मिलने पर अपना जाने का कार्यक्रम ही टाल दिया। उधर, यात्रियों की मजबूरी का डग्गेमार वाहन संचालकों ने खूब फायदा उठाया।
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रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि दीपोत्सव पर पर्याप्त बसें चलाई गईं। पिछले पांच दिनों में करीब डेढ़ लाख से अधिक यात्रियों ने अपने गंतव्य तक सफर तय किया है। इससे रोडवेज का लोड फैक्टर काफी बढ़ा है, जिससे इस बार अधिक लाभ होने की संभावना है।
ट्रेनों में भी नहीं मिली जगह
भाई दूज पर ट्रेनों में भी यात्रियों की काफी भीड़ देखने को मिली। एक्सप्रेस, सुपरफास्ट ट्रेनों में सीटों की जगह नहीं मिलने से मारा-मारी देखने को मिली। अलीगढ़-दिल्ली रूट पर चलने वाली ईएमयू पैसेंजर, टीएडी व एचएडी पैसेंजर ट्रेनों में अन्य दिनों की अपेक्षा काफी भीड़ रही। आलम यह रहा कि सीटों पर बैठने को लेकर धक्का-मुक्की होती रही। उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे ने पर्याप्त संख्या में त्योहार स्पेशल ट्रेनों का संचालन कराया है।