इगलास विधानसभा सीट के उपचुनाव में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) की प्रत्याशी सुमन दिवाकर का पर्चा निरस्त होने का प्रकरण शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। अब रालोद के शीर्ष नेतृत्व ने इस प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। जांच टीम में एक पूर्व मंत्री और दो पूर्व विधायक हैं। यह टीम 9 अक्तूबर को अलीगढ़ आएगी।
रालोद की प्रत्याशी का पर्चा बी फॉर्म जमा न होने और नामांकन पत्रों में कमी होने के चलते रिटर्निंग ऑफिसर ने निरस्त कर दिया था। इससे पार्टी की काफी फजीहत हुई। रही सही कसर पार्टी के एक बड़े नेता और प्रत्याशी की फोन पर हुई बातचीत ने पूरी कर दी। इस बातचीत में बी फॉर्म के न मिलने का जिक्र है, जो पार्टी के लिए और तकलीफदेह रहा।
जाट बाहुल्य इगलास विधानसभा सीट से पार्टी प्रत्याशी का नामांकन रद्द होने से शीर्ष नेतृत्व भी सकते में है। पार्टी प्रत्याशी का नामांकन कैसे रद्द हुआ। चूक कहां और किससे हुई। नामांकन पहले क्यों नहीं किया गया। इन सब बातों की जांच के लिए पार्टी हाईकमान ने टीम गठित की है। इसमें रालोद के अनुशासन समिति के प्रमुख और पूर्व मंत्री धर्मवीर बालियान, छपरौली के पूर्व विधायक अजय तोमर, मोदीनगर के पूर्व विधायक सुदेश शर्मा हैं। यह जांच टीम 9 अक्तूबर को सारसौल चौराहा रामदास नगर स्थित पार्टी के कार्यालय आएगी।
रालोद के ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष प्रदीप चौधरी गुड्डू ने बताया कि जांच टीम उन लोगों से भी बात करेगी, जो उपचुनाव में टिकट मांग रहे थे। जिलाध्यक्ष रामबहादुर चौधरी ने बताया कि जो भी पदाधिकारी और कार्यकर्ता नामांकन खारिज होने के प्रकरण में पक्ष या बयान देना चाहते हैं, वह जांच कमेटी से मिल सकते हैं। अलीगढ़ प्रवक्ता जियाउर्रहमान ने बताया कि जांच टीम राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी के आदेश पर आ रही है।